फरीदाबाद : ढाई सौ करोड़ की परियोजना से लोगों को मिलेगा यमुना का स्वच्छ पेयजल : कृष्णपाल गुर्जर
केंद्रीय राज्यमंत्री ने वार्ड नंबर 6 व 11 में किया करीब 43 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ
फरीदाबाद, 21 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से फरीदाबाद में बुनियादी सुविधाओं एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है और सरकार शहर के प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यकतानुसार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। गुर्जर रविवार देर शाम वार्ड नंबर-6 स्थित जलघर में करीब 21 करोड़ रुपये तथा वार्ड नंबर-11 में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। इन विकास परियोजनाओं में बारात घर का निर्माण, सडक़ निर्माण, आरसीसी नालों का निर्माण, सीवर लाइन बिछाने, इंटरलॉकिंग टाइल लगाने सहित क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े विभिन्न कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर एनआईटी विधायक सतीश फागना मौजूद रहे। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को केंद्र और प्रदेश सरकार ने मजबूत बनाने का काम किया है। पहले फरीदाबाद की पहचान मुख्य रूप से एक राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी थी, लेकिन आज शहर चारों दिशाओं से राष्ट्रीय राजमार्गों एवं बेहतर सडक़ नेटवर्क से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए रेलवे फाटकों पर अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है और यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि एनआईटी क्षेत्र के लोगों की स्वच्छ पेयजल से जुड़ी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी से सीधे एनआईटी क्षेत्र तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है और वर्ष 2027 तक इस व्यवस्था को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यकाल में फरीदाबाद में विकास की गति लगातार तेज हुई है और आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं एवं मांगों के अनुरूप विकास कार्य करवाए जाएंगे। इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित होने के साथ-साथ गलियों और मोहल्लों की सुंदरता में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि भूमिगत बिजली व्यवस्था होने से आंधी, बारिश एवं तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर