फरीदाबाद : केंद्रीय मंत्री ने कार्य में कोताही पर निगम अधिकारियों को लताड़ा
मंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को चार्जशीट करने के दिए आदेश
फरीदाबाद, 12 मई (हि.स.)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने की। बैठक में शहर के विकास कार्याे को लेकर गहनता से चर्चा की गई। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने विकास कार्याे में कोताही बरतने पर नगर निगम के चीफ इंजीनियर, एक्सईएन, एसडीओ और जेई को जमकर लताड़ा। गुर्जर ने कहा कि नगर को अधिकारियों ने लूट का अड्डा बनाया हुआ है। ठेकेदारों के जरिए नगर निगम के पैसे की बंदरबांट हो रही है। इंटरलॉकिंग टाइल और सीवर ढक्कनों में लगातार घटिया क्वालिटी की सामग्री की शिकायत मिल रही है। निगम जो सडक़े बनवा रहा है, वो अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही टूट रही है। वहीं निगम में पेड़ो के नाम पर लाखों के बिल बनाए जा रहे है लेकिन जमीन पर कोई पेड़ नहीं मिलता है। 10-10 करोड़ रूपये की राशि से लगाए गए पेड़ गायब हैं।गुर्जर ने कहा कि अधिकारियों ने सरकार की बदनामी करवा रखी है, लेकिन इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि मेरी बात याद रखना ये जनता का पैसा है और इसे किसी कीमत पर व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। गुर्जर ने डीसी और कमीश्नर को जिम्मेदार अधिकारियों को चार्जशीट करने के दिए आदेश दिए। बैठक में मवई गांव के पास रास्ता बंद किए जाने का मामला सामने आने पर मंत्री ने यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। कृष्णपाल गुर्जर ने सवाल उठाया कि बिना स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए, आखिर रास्ता कैसे बंद किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह से जबरदस्ती लोगों की आवाजाही रोकना गलत है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित विभागों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे नियमों के तहत हटाया जाए, लेकिन आम जनता के रास्ते पूरी तरह बंद करना उचित नहीं है। बैठक में मौजूद विधायक मूलचंद शर्मा व धनेश अदलखा ने भी नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाते हुए कहा कि हमने भी नगर निगम के काम किए हैं, दस साल पुरानी सडक़ें आज भी देख लो, लेकिन आज सडक़ें तीन चार साल में ही टूट जाती हैं ।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर