फरीदाबाद : गांव सोतई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम शुरू, महिला हिरासत में ली
फरीदाबाद, 23 सितंबर (हि.स.)। सोतई गांव में जाट पट्टीशामलात भूमि पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम बुधवार को पुलिस की मदद से शुरू हो गया है। एक महिला ने सुबह इस कार्रवाई का विरोध किया था। पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। मौके पर एसडीएम मयंक भारद्वाज तहसीलदार भूमि का लांबा, एसीपी सदर अशोक कुमार, महिला थाना प्रभारी सुनीता पुलिसवाला के साथ मौजूद रहे। फिलहाल भूमि को समतल करने और मार्ग पर मिट्टी में पत्थर फैलाने का अर्थ मूवर से काम चल रहा है। दरअसल सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कराने गई पुलिस और ग्रामीणों के बीच हाथापाई तक नौबत पहुंच गई। इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ गया। इसमें सात पुरुष और महिलाओं को चोट लगी है। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया है। उधर पुलिस ने मौके से 15 किसानों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एनएचएआई सेक्टर-65 में दिल्ली-मुंंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 32 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है। सोतई गांव में जाट पट्टीशामलात भूमि है। इस पर किसान पहले से ही खेती करते आ रहे हैं और उनका कब्जा है। किसानों को एनएचएआई ने भूमि का अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। भूमि अर्जन अधिकारी ने भूमि का मुआवजा कोर्ट में जमा कराया हुआ है। इस मुआवजे को लेकर नगर निगम ने भी दावा किया हुआ है। किसानों की भूमि पर एनएचएआई कब्जा लेकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एलिवेटेड का निर्माण करना चाहता है। एनएचएआई का कहना है कि मुआवजा कोर्ट में जमा है। कोर्ट जिसकी भूमि बताएगी, उसे मुआवजा दे दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि भूमि पर उनका कब्जा है। वह खेती करते आ रहे हैं, तो पहले उन्हें मुआवजा दिया जाए। इस मामले में पिछले दिनों 12 गांवों की पंचायत हुई थी। इस पंचायत में फैसला हुआ था कि मुआवजा नहीं तो भूमि पर कब्जा नहीं। मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने भी मामला उठाया था। उन्होंने सरकार से इस मामले में उच्च अधिकारियों को भेज कर किसानों को मुआवजा दिए जाने और दोषी भूमि अर्जन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की सरकार से मांग की थी। ग्रामीणों ने पंचायत के फैसले के अनुसार यहां पर निर्माण कार्य को रुकवा दिया। मंगलवार को दोपहर बाद एसडीएम मंयक भारद्वाज, तहसीलदार भूमिका लांबा पुलिस बल लेकर सोतई गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को काम शुरू करने के बारे में समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे तो पुलिस ने हटाने के लिए बल का प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हाथापाई में वेदप्रकाश पंडित, योगेश, विशाल, कैलाश, हीरा, ब्रीजा, पूनम, विद्या को चोट लगी है। कई ग्रामीणों को पुलिस ने डंडे भी मारे हैं। किसान अपनी बात पर अड़े रहे तो 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया ओर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है। ग्रामीण यदि पुलिस बल प्रयोग करने की बात कह रहे हैं तो वह वीडियो दिखाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर