फरीदाबाद : पशुओं को खुले में छोडऩे वाले पशुपालकों पर होगी एफआईआर

 

फरीदाबाद, 22 जुलाई (हि.स.)। फरीदाबाद नगर निगम ने शहर की सडक़ों पर घूमने वाली गायों और अन्य आवारा पशुओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि दूध निकालने के बाद गायों को खुले में छोडऩे वाले पशुपालकों के खिलाफ अब केवल जुर्माना नहीं, बल्कि सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर निगम ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो सडक़ों पर घूमने वाले पशुओं के मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। नगर निगम के अधिकारी नितेश परमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शहर की सडक़ों से आवारा पशुओं को हटाना नहीं है, बल्कि उन लोगों पर कार्रवाई करना भी है, जो पशुओं से लाभ लेने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। निगम ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। नितेश परमार ने बताया कि शहर में कई लोग गाय या अन्य पशु पालते हैं। जब तक पशु दूध देता है, तब तक उसे अपने पास रखा जाता है। लेकिन जैसे ही दूध देना बंद होता है, कई लोग उसके बछड़े को अपने पास रख लेते हैं और गाय को सडक़ों पर छोड़ देते हैं। अब यदि ऐसा कोई पशु सडक़ों पर घूमता मिला तो उसके मालिक की पहचान कर उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा। अब तक नगर निगम द्वारा पकड़े गए पशुओं को छुड़ाने के लिए पहली बार 5,100 रुपए और दूसरी बार 11 हजार रुपए का जुर्माना लिया जाता था, लेकिन नए अभियान के तहत केवल जुर्माना लेकर पशु वापस नहीं छोड़ा जाएगा। इसके बजाय पशु को खुले में छोडऩे वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की विशेष टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। ये टीमें अवैध रूप से संचालित डेयरी फार्मों की जांच कर चालान कर रही हैं। साथ ही सडक़ों पर घूमने वाले आवारा पशुओं और गायों के मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी कर रही हैं। नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर की सडक़ों को सुरक्षित बनाना और आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर