फरीदाबाद : ऑनलाइन टास्क में निवेश के नाम पर 25.80 लाख की ठगी, एक और आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद, 01 अगस्त (हि.स.)। ऑनलाइन टास्क के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 25.80 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना बल्लभगढ़ ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिपेंद्र (23) निवासी जिला भरतपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। आरोपी को शनिवार अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों तथा ठगी की रकम के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में दर्ज शिकायत में बताया था कि 20 दिसंबर 2025 को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर एक अज्ञात व्यक्ति ने पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर भेजा। शुरुआत में उसे ऑनलाइन टास्क पूरे करने के बदले अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया। विश्वास जीतने के लिए शिकायतकर्ता से पहले पांच, नौ और दो हजार रुपए के अलग-अलग यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर कराए गए। इन लेनदेन के बाद उसे मामूली लाभ वापस भेजा गया, जिससे उसे लगा कि निवेश वास्तविक है। इसके बाद ठगों ने अधिक कमाई का लालच देकर शिकायतकर्ता से लगातार बड़ी रकम निवेश करानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद आरोपियों ने तकनीकी खराबी का बहाना बनाते हुए बताया कि उसकी राशि फंस गई है और यदि वह अतिरिक्त धनराशि जमा करेगा तो पूरी रकम मुनाफे सहित वापस कर दी जाएगी। झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 30 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 25 लाख 80 हजार 728 ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो ठगों ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद पीडि़त ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों एवं डिजिटल ट्रांजेक्शन की कडिय़ों को जोड़ते हुए 30 जुलाई 2026 को भरतपुर (राजस्थान) निवासी दिपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि जिस बैंक खाते में ठगी की राशि प्राप्त हुई थी, उसकी यूपीआई आईडी आरोपी दिपेंद्र ने अपने मोबाइल फोन में तैयार की थी और उसी के माध्यम से लेनदेन संचालित किए जा रहे थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 12वीं पास है और जयपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह साइबर ठगी गिरोह से कब और कैसे जुड़ा तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका क्या रही। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटनाक्रम में खाताधारक हरिश चंद्र को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया था कि उसके बैंक खाते में ठगी की 2.10 लाख की राशि प्राप्त हुई थी।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर