फरीदाबाद : 33 एंबुलेंसों के पेट्रोल-डीजल पर प्रतिवर्ष खर्च होते है 55 लाख : डा. जयंत आहूजा

 




50 लाख के एंबुलेंस घोटाले के आरोपों को सीएमओ ने सिर से किया खारिज

फरीदाबाद, 06 नवंबर (हि.स.)। फरीदाबाद में बीके अस्पताल के 50 लाख रूपए के कथित डीजल घोटाले की जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नही हुई है, लेकिन इससे पहले ही सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा का पक्ष सामने आया है। उन्होंने घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 50 लाख रुपए के गबन की बात पूरी तरह गलत है। मीडिया में काल्पनिक आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता में मामला इतनी बड़ी रकम का नहीं है। सीएमओ ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों ने इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया है। विपक्ष का मकसद स्वास्थ्य विभाग और भाजपा सरकार की छवि खराब करना है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पूरी जानकारी के 50 लाख रुपए के गबन का दावा करना गलत है और मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। डॉ. आहूजा ने अपने दावे के समर्थन में एंबुलेंस के खर्च का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि बीके अस्पताल के पास कुल 33 एंबुलेंस हैं, जिनके पेट्रोल-डीजल पर सालाना करीब 55 लाख रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में 50 लाख रुपए के गबन का दावा करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि वास्तविक राशि इससे काफी कम है। सीएमओ ने बताया कि स्टेट फाइनेंशियल डिपार्टमेंट की ओर से मामले का ऑडिट कराया जा रहा है। स्टेट हेडक्वार्टर की टीम अस्पताल से एंबुलेंस की लॉगबुक, रिपेयर का डाटा और अन्य जरूरी रिकॉर्ड अपने साथ ले जा चुकी है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। सीएमओ ने भले ही 50 लाख रुपए के घोटाले के आरोपों को खारिज कर दिया हो, लेकिन वास्तविक वित्तीय गड़बड़ी कितनी है, इसका खुलासा ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। ऐसे में अब सवाल है कि 50 लाख के कथित घोटाले का आंकड़ा कहां से आया और जांच में कितनी रकम की गड़बड़ी सामने आती है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर