फरीदाबाद : सरपंच ने बैठक में नहीं बुलाया तो आठ पंचायत सदस्यों ने दिया इस्तीफा

 


फरीदाबाद, 21 मई (हि.स.)। फरीदाबाद के जाजरू गांव में सरपंच और पंचों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। गांव के 8 पंचों ने सरपंच के कामकाज से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया और गुरुवार को बल्लभगढ़ स्थित बीडीपीओ कार्यालय पहुंचकर लिखित रूप से अपने इस्तीफे जमा कराए। इस्तीफा देने वाले पंचों में ईश्वर, रामेश्वर डागर, सुभाष, बलराम, हेमलता, अनीता, पूजा और मनीषा शामिल हैं। पंचों ने सरपंच पर गांव के विकास कार्यों और बैठकों से उन्हें दूर रखने के आरोप लगाए हैं। पंचों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से उन्हें गांव की बैठकों में नियमित रूप से नहीं बुलाया जा रहा। कई बार गांव में विकास कार्य शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन उनकी जानकारी पंचों को नहीं दी जाती। पंचों ने आरोप लगाया कि गांव में कौन सा कार्य कब और किस योजना के तहत कराया जा रहा है, इसकी सूचना भी उन्हें नहीं मिलती। उनका कहना है कि जब भी वह इस संबंध में सरपंच से बात करते हैं तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं देते और बात को टाल देते हैं। इसी नाराजगी के चलते सभी पंचों ने सामूहिक रूप से पंच पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। वहीं, सरपंच अजय डागर ने पंचों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सरपंच का कहना है कि गांव में जब भी कोई बैठक आयोजित की जाती है तो सभी पंचों को सूचना देकर बुलाया जाता है। सरपंच अजय डागर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पंच उन पर निजी कार्य करवाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्होंने निजी काम करने से मना कर दिया तो पंच उनके खिलाफ हो गए और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से सामूहिक इस्तीफा देने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी इस मामले में अपना पक्ष बीडीपीओ कार्यालय में लिखित रूप से जमा करा दिया है। वहीं, बल्लभगढ़ खंड के बीडीपीओ अधिकारी अंशु डागर ने बताया कि जाजरू गांव के 8 पंचों ने कार्यालय में अपने इस्तीफे जमा कराए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। साथ ही पंचों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच भी करवाई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर