चार साल पहले अपनों से बिछड़ी बच्ची को फरीदाबाद पुलिस ने परिवार से मिलाया

 


फरीदाबाद, 25 मई (हि.स.)। अगर हौसला बुलंद और नीयत साफ हो, तो नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाता है। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला मामला फरीदाबाद में सामने आया है, जहां फरीदाबाद पुलिस की किडनैपिंग एबडक्शन टीम (कैट) और बाल कल्याण समिति की सूझबूझ से 4 साल से लापता एक बच्ची को उसके परिवार से दोबारा मिलवा दिया गया। अक्टूबर 2022 से गायब यह बच्ची जब अपने माता-पिता से मिली, तो सबकी आंखें नम हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की रहने वाली एक बच्ची, अक्टूबर 2022 में अपने मामा के साथ फरीदाबाद आई थी। भीड़भाड़ में वह अचानक अपनों से बिछड़ गई। बच्ची के माता-पिता अशिक्षित और कानून की जानकारी से अनजान थे, जिसके कारण वे पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सके और अपने स्तर पर ही बेटी को ढूंढते रहे। बिछडऩे के बाद यह बच्ची फरीदाबाद के कर्ममार्ग चाइल्ड शेल्टर होम में रह रही थी। बच्ची को हिंदी या कोई अन्य भाषा ठीक से नहीं आती थी, जिसके कारण बार-बार की काउंसलिंग के बावजूद वह अपने घर का पता नहीं बता पा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति फरीदाबाद की चेयरपर्सन के आग्रह पर फरीदाबाद पुलिस की किडनैपिंग एबडक्शन टीम के इंचार्ज ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम और बाल कल्याण समिति ने बच्ची के साथ एक अनोखा तरीका अपनाया। काउंसलिंग के दौरान बच्ची के सामने बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के सभी जिलों और प्रमुख शहरों के नाम बारी-बारी से बोले गए। जैसे ही टीम ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का नाम लिया, बच्ची के चेहरे पर पहचान के भाव आये। कड़ी हाथ लगते ही फरीदाबाद पुलिस ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी थानों और ग्राम प्रधानों से फोन पर संपर्क साधना शुरू किया। आखिरकार, बच्ची के गांव के ग्राम प्रधान के माध्यम से पुलिस को अक्टूबर 2022 में एक बच्ची के गायब होने की सूचना की पुष्टि हो गई। एसआई अमर सिंह की टीम ने परिवार का नंबर हासिल कर उनसे वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। 4 साल बाद अपनी लाडली का चेहरा देखते ही माता-पिता और बच्ची की आंखों से खुशी के आंसू निकले। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, चेयरपर्सन बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर