फरीदाबाद : शहर में पार्किंग की कमी, ढाई साल में चोरी हुए 39 हजार वाहन
फरीदाबाद, 08 जुलाई (हि.स.)। फरीदाबाद शहर में स्थायी पार्किंग की कमी अब वाहन चोरी की बड़ी वजह बनती जा रही है। मेट्रो स्टेशनों को छोड़ दें तो शहर के प्रमुख बाजारों और सरकारी कार्यालयों के आसपास कहीं भी व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में लोग मजबूरी में अपने वाहन सडक़ किनारे खड़े करते हैं और वाहन चोर इसी का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले ढाई सालों में फरीदाबाद से करीब 3900 वाहन चोरी हो चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। वर्ष 2024 में 1676, वर्ष 2025 में 1554 और वर्ष 2026 में अब तक 645 वाहन चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। अधिकांश घटनाएं सडक़ किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों की हैं। जानकारी के अनुसार हरियाणा में गुरुग्राम के बाद सबसे अधिक वाहन फरीदाबाद में पंजीकृत हैं। शहर में करीब 16 लाख वाहन हैं, जो प्रतिदिन सडक़ों पर चलते हैं। इसके बावजूद नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग शहर की बढ़ती जरूरत के अनुरूप स्थाई पार्किंग विकसित नहीं कर पाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग के अभाव में सडक़ किनारे वाहन खड़ा करना मजबूरी बन गया है, जिसका फायदा वाहन चोर उठा रहे हैं। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के डबुआ मंडी, एनआईटी-1, एनआईटी-5, ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़, जवाहर कॉलोनी गुरुद्वारा रोड सहित कई प्रमुख बाजारों में प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इन बाजारों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से लोग सडक़ किनारे वाहन खड़े करते हैं, जहां से चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। शहर में नियमित पार्किंग की सुविधा फिलहाल केवल मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध है। इसके अलावा सेक्टर-12 लघु सचिवालय के बाहर निजी स्तर पर अस्थाई पार्किंग संचालित की जा रही है। वहीं ओल्ड फरीदाबाद में निर्माणाधीन चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग का काम अंतिम चरण में है और जल्द इसके ट्रायल शुरू होने की संभावना है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 में वाहन चोरी के 576 मामलों का खुलासा कर 828 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में 525 मामलों का खुलासा करते हुए 612 आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 175 मामलों का खुलासा कर 302 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह पिछले ढाई वर्षों में कुल 1750 वाहन चोरों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर