फरीदाबाद में बिना वैध प्रमाण पत्र के नहीं मिलेगा वाहनों का ईधन
आरटीए की कार्रवाई, 16 प्रदूषण जांच केंद्र निलंबित
फरीदाबाद, 31 अक्टूबर (हि.स.)। फरीदाबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेप-1 लागू होने के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। आरटीए मुनीष सहगल ने टीम के साथ शहर के पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों और निर्धारित मानकों में कमियां मिलने पर 16 प्रदूषण जांच केंद्रों को निलंबित कर दिया गया। विभाग की टीम ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की जांच की। आरटीए ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए कि वाहन में पेट्रोल-डीजल भरने से पहले उसका वैध पीयूसीसी जरूर जांचें। बिना वैध प्रमाण-पत्र के किसी वाहन में ईंधन नहीं दिया जाए। आरटीए मुनीष सहगल ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। आरटीए मुनीष सहगल ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों में ईंधन भरने से पहले उनके वैध दस्तावेज की जांच जरूर करें। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र के वाहन में ईंधन नहीं दिया जाए।आरटीए ने प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को निर्देश दिए कि वाहनों की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार ही करें। बिना पूरी जांच किए किसी वाहन का पीयूसीसी जारी नहीं किया जाना चाहिए। जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ कार्रवाई होगी। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद 21 अक्टूबर को सीएक्यूएम ने ग्रेप का पहला चरण लागू किया था। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने, निर्माण कार्यों से उडऩे वाली धूल रोकने और खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर