जींद : लेह लद्दाख में तैनात सैनिक की हार्ट अटैक से मौत
जींद, 05 नवंबर (हि.स.)। जुलाना क्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी भारतीय सेना के जवान नरेश लाठर का लेह लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे और सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। गुरूवार को उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव शादीपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सेवा में 22 साल बिताने वाले जवान के असमय चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। जानकारी के अनुसार नरेश लाठर पिछले 22 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लेह.लद्दाख में थी। उन्होंने अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई।
परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही वह सेना से सेवानिवृत्त होकर घर लौटेंगे और परिवार के साथ समय बिताएंगेए लेकिन अचानक आए इस दुखद समाचार ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। नरेश लाठर के परिवार में उनकी 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 13 वर्षीय बेटा अरमान और 15 वर्षीय बेटी चाहत हैं। पत्नी प्रीति गृहणी हैं। बेटा अरमान नौवीं कक्षा में पढ़ता हैए जबकि बेटी चाहत 11वीं कक्षा की छात्रा है। पिता के असमय निधन से दोनों बच्चों की जिंदगी में ऐसा खालीपन आ गया है। जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। जिस उम्र में बच्चों को पिता के मार्गदर्शन और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती हैए उसी उम्र में उन्हें यह बड़ा दुख सहना पड़ रहा है।
दो माह बाद होने वाली थी सेवानिवृत्ति
नरेश लाठर के चाचा धर्मबीर लाठर ने बताया कि नरेश को करीब दो माह बाद सेना से सेवानिवृत्त होना था। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाया था कि दो साल बाद उनकी पदोन्नति हो जाएगी और वह सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं लेकिन उन्होंने अपने निर्णय के अनुसार सेवानिवृत्ति लेने का मन बना लिया था। बुधवार दोपहर बाद परिवार के पास सेना के कमांडर का फोन आया। उन्होंने बताया कि नरेश लाठर की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। 22 साल तक देश की सेवा करने के बाद घर लौटने से महज दो माह पहले उनका इस दुनिया से चले जाना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा