सिरसा: सरकारें किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल: लखविंद्र सिंह

 


सिरसा, 05 अगस्त (हि.स.)। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रधान लखविंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने में लगातार विफल रही हैं। किसान केवल अपने हितों की नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए सरकारों को किसान विरोधी नीतियां छोडक़र किसानों के साथ न्याय करना चाहिए। लखविंद्र सिंह बुधवार को मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर रोष प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित कर रहे थे। किसानों ने उपायुक्त को राष्ट्रपति व हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा व भारतीय किसान एकता की सिरसा के जाट धर्मशाला में बैठक हुई। यहां से रोष मार्च निकालते हुए किसान लघुसचिवालय पहुंचे।

किसानों की मांग है कि सभी फसलें एमएसपी पर खरीदी जाए, स्वामीनाथन आयोग की सी-2+50 प्रतिशत सिफारिशों को लागू किया जाए, किसानों एवं मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ करने, मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 एवं बीज विधेयक 2025 वापस लेने, किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का पूर्ण मुआवजा देने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में व्यापक सुधार करने तथा खेती-किसानी को बचाने वाली किसान हितैषी नीतियां लागू की जाए। इसके अलावा खरीफ 2026 के दौरान अल्प वर्षा, नहरी पानी एवं बिजली की कमी से खराब हुई धान, नरमा, कपास, ग्वार सहित सभी फसलों के लिए विशेष राहत पैकेज एवं पर्याप्त मुआवजा देने, नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने, डीएपी एवं यूरिया की कालाबाजारी रोकने, नकली बीज एवं कीटनाशकों पर कार्रवाई करने, लंबित फसल मुआवजा एवं फसल बीमा क्लेम जारी करने, आवारा पशुओं एवं जंगली सूअरों से किसानों की सुरक्षा, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल की समस्याओं का समाधान, सभी फसलों की समय पर सरकारी खरीद तथा किसानों के लंबित भुगतान व सब्सिडी जारी करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma