यमुनानगर:भूमि अधिग्रहण नीति के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन
यमुनानगर, 25 मई (हि.स.) हरियाणा सरकार की भूमि अधिग्रहण एवं ट्रांसमिशन लाइन मुआवजा नीति के विरोध में सोमवार को यमुनानगर में किसानों और भूमि मालिकों ने भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। किसानों ने नई अधिसूचना को किसान हितों के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत जगाधरी नई अनाज मंडी से हुई, जहां बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए और बैठक आयोजित कर 29 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना पर आपत्ति जताई। इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला और वहां धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
भाकियू नेता हरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं के लिए भूमि उपयोग और राइट ऑफ वे के तहत निर्धारित नई मुआवजा नीति किसानों को उनकी जमीन का वास्तविक मूल्य देने में विफल साबित होगी। उन्होंने कहा कि बाजार दर तय करने की प्रक्रिया स्पष्ट और निष्पक्ष नहीं है, जबकि इसका लाभ पावर ग्रिड, एचवीपीएनएल और निजी ट्रांसमिशन कंपनियों को पहुंचाया जा रहा है।
किसान संगठनों ने मांग की कि प्रभावित किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य के साथ भविष्य में भूमि की संभावित कीमतों को ध्यान में रखकर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने, प्रदेशभर में समान नीति लागू करने तथा स्वतंत्र समीक्षा समिति गठित करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अधिसूचना वापस लेकर किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि भूमि और अधिकारों की रक्षा के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार