हिसार में किसान संगठनों ने रुकवाई किसान के मकान की कुर्की, बैंक ने दिया आश्वासन
सरहेड़ा में किसान के मकान की कुर्की के खिलाफ हजारों किसान-मजदूर जुटे
मकान की कुड़की नहीं होगी, सोमवार तक सेटलमेंट पर देंगे जानकारी : मैनेजर
हिसार, 18 सितंबर (हि.स.)। जिले के गांव सरहेड़ा में किसान अशोक कुमार के मकान
की कुर्की के आदेशों के खिलाफ शुक्रवार को हिसार, हांसी, कैथल और जींद सहित विभिन्न
जिलों से हजारों किसान-मजदूर गांव में जुट गए। किसान संगठनों ने मौके पर सभा कर मकान
की कुर्की का विरोध किया। हालांकि, सुबह से बड़ी संख्या में किसान-मजदूरों के पहुंचने
के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में
बैंक कर्मचारियों के संपर्क करने पर किसान नेताओं के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बरवाला
एसडीएम कार्यालय में बैंक अधिकारियों और तहसीलदार के साथ बातचीत की।
संयुक्त किसान-मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानंद राजली ने बताया
कि सरहेड़ा निवासी अशोक कुमार ने वर्ष 2021 में 21 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसमें
से करीब सात लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उनके अनुसार लोन पास करवाने वाले
बिचौलिए ने दो लाख 45 हजार रुपये कमीशन के रूप में लिए थे। पिछले करीब एक साल से अशोक
कुमार शुगर की बीमारी से जूझ रहा है और 18 हजार रुपये की मासिक किस्त के कारण अब आर्थिक
तंगी में किस्त चुकाने में असमर्थ है।
किसान संगठनों के अनुसार पिछले वर्ष भी मकान की कुड़की के नोटिस जारी किए गए
थे। शुक्रवार को जब बड़ी संख्या में किसान-मजदूर गांव पहुंचे तो प्रशासन की ओर से कोई
अधिकारी नहीं पहुंचा। दोपहर बाद बैंक की ओर से बातचीत का बुलावा मिलने पर अध्यक्ष मंडल
ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एसडीएम कार्यालय भेजा।
तहसीलदार, बैंक मैनेजर और बैंक के वकील के साथ हुई बैठक में बैंक मैनेजर ने
आश्वासन दिया कि अशोक कुमार के मकान की कुर्की नहीं की जाएगी। लोन के सेटलमेंट के संबंध
में सोमवार तक टोल कमेटी को स्थिति से अवगत कराने की बात भी कही गई। प्रतिनिधिमंडल
ने कहा कि अशोक कुमार उचित सेटलमेंट होने पर शेष राशि का भुगतान कर लोन का समाधान करने
के लिए तैयार है।
सभा की संयुक्त अध्यक्षता शमशेर सिंह नंबरदार, सितेंद्र कोथ, मियां सिंह बिठमड़ा,
नरेश भ्याण, बिंद्र नंबरदार, जयबीर लौहान और रामफल सरहेड़ा ने की। प्रतिनिधिमंडल में
सरदानंद राजली, गुरनाम सिंह कैथल, धोला जेवरा, सरबत पूनिया, सूरजमल ढाड, अनिल बैंदा,
दशरथ मलिक, कर्मबीर जलंधरा सहित अन्य किसान नेता और अशोक कुमार व उनकी पत्नी शामिल
रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर