हिसार : नहरों में पानी व बिजली लाइन के मुआवजे की मांग पर किसानों ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला

 


मंत्री श्रुति चौधरी से मीटिंग के आश्वासन पर

माने किसान, दो दिवसीय धरना स्थगित

हिसार, 28 जुलाई (हि.स.)। जिले की नहरों में दो

सप्ताह पूरा पानी की मांग पर चल रहा धरना किसान कमेटी और प्रशासन की बातचीत के बाद

स्थगित हो गया। प्रशासन ने किसानों को मंत्री श्रुति चौधरी के साथ जल्द मीटिंग करवाने

का आश्वासन दिया जिसे किसानों ने मान लिया। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने मंगलवार

को लघु सचिवालय के आगे मुख्यमंत्री नायब सैनी का पुतला फूंका। बारिश की कमी और नहरी

पानी की कमी से सूख रही फसलों को बचाने के लिए पानी की मांग पर पगड़ी संभाल जट्टा किसान

संघर्ष समिति व संयुक्त जल संघर्ष समिति के नेतृत्व में जिले के किसान बीते दो दिन

से लघु सचिवालय के आगे धरना दे रहे थे।

डीसी की अनुपस्थिति में मंगलवार को किसानों की

12 सदस्यीय कमेटी की एडीसी, एसडीएम व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों

की तरफ से मुख्य सात मांगे रखी गई जिनको प्रशासन ने पूरा करवाने की सहमति दे दी। इसके

बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर लिया। नहरों में दो सप्ताह पानी, टेल तक पूरा पानी,

बरवाला ब्रांच की क्षमता बढ़ाने पर प्रशासन ने किसानों ने कहा कि ये काम सरकार और मंत्री

लेवल का है। इस बारे में जल्द ही सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से टाइम लेकर किसानों

की मीटिंग करवा दी जाएगी। खेतों में बिजली की हाइटेंशन लाइन के बारे में प्रशासन का

कहना है कि किसानों को उचित मुआवजा दिए बगैर टावर लगाने का काम शुरू नहीं होगा। इसके

इलावा घग्घर ड्रेन को कई पॉइंट पर पक्का करने व क्षमता बढ़ाने का काम जल्द शुरू करवा

दिए जाएगा।

किसानों ने मीटिंग में यूरिया, डीएपी की कमी व

ब्लैक का मुद्दा उठाया जिस पर प्रशासन ने उन डीलर का लाइसेंस तुरंत कैंसिल करने का

भरोसा दिया। इसके इलावा जिन किसानों का बैंक ने फसल बीमा प्रीमियम काट रखा है और आगे

कंपनी को जमा नहीं करवाया है उनको बैंक की तरफ से क्लेम देने पर सहमति बनी है। इसके

इलावा जिन किसानों ने दो साल से सोलर ट्यूबवेल के पैसे जमा करवा रखे हैं और अभी तो

ट्यूबवेल नहीं मिला है उनको एक सप्ताह में पैसे रिफंड किए जाएंगे।

नहरी पानी की मांग पर प्रशासन ने जल्द सिंचाई

मंत्री से मीटिंग का भरोसा दिया है। इस पर किसानों का कहना है कि एक सप्ताह इंतजार

किया जाएगा। अगर प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया तो हजारों को संख्या

में किसान पैदल चलकर भिवानी जाएंगे और मंत्री श्रुति चौधरी के घर के आगे धरना शुरू

करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर