जींद : नए नियमों के विरोध में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

 


जींद, 04 अप्रैल (हि.स.)। जुलाना कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते मंडी में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। आढ़तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में किसानों ने भी धरने में भाग लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।

धरने को संबोधित करते हुए ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने कहा कि अगर दो दिन तक बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने के नियम को वापस नही लिया गया तो वो दो दिन बाद अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर किसानों और आढ़तियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पवन लाठर ने कहा कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए.नए नियम लागू किए जा रहे हैंए जिससे मंडी व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक निर्णय है, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मंडी का समय सुबह छह बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित करना भी किसानों के हित में नहीं है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन मशीन से फसल कटवाते हैं और उसी समय अपनी उपज मंडी में लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

आढ़तियों ने इन फैसलों को सरकार से तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने को समर्थन करने के लिए पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने गलत नीति बनाई है। सभी किसान इसका विरोध कर रहे हैं। इससे परिवार में फूट डलेगी। जमीन किसी बुजुर्ग और लड़की के नाम है तो वो अंगूठा लगाने कैसे आएंगे। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सरकार मॉनिटिरिंग कर ले। यह नियम वापस होगा। किसान को परेशान करने के लिए निर्णय लिया गया है। मंडी और आढ़ती को खत्म करने के लिए नियम लागू किए गए हैं।मंडी से आढ़तियों और किसानों का काम चल रहा है लेकिन सरकार किसानों और आढ़तियों का खत्म करने पर तुली है।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा