कैथल: फर्जी आईपीओ में मुनाफे का झांसा देकर 22.90 लाख ठगे, दो आरोपी गिरफ्तार

 


कैथल, 08 अक्टूबर (हि.स.)। फर्जी स्टॉक और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर कैथल निवासी से 22.90 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले पीड़ित को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश के तरीके समझाए और बाद में अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम वापस निकालने का प्रयास करने पर उससे कथित सर्विस फीस के नाम पर 38.31 लाख रुपये और मांगे गए।

पुलिस के अनुसार कैथल निवासी सुनील कुमार ने शिकायत में बताया कि 22 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने उसे एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर स्टॉक में निवेश करने पर 10 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद उसे एक मोबाइल नंबर देकर व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क करने को कहा गया।

आरोपियों ने उससे नाम, मोबाइल नंबर, उम्र, ईमेल आईडी और बैंक खाते से संबंधित जानकारी लेने के बाद एप डाउनलोड करवाई। उसे एक ग्रुप के नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी जोड़ा गया, जहां से उसे अलग-अलग निवेश करने के निर्देश दिए जाते थे।

शिकायत के अनुसार पीड़ित ने शुरुआत में 29 जनवरी को 10 हजार और 3 फरवरी को 30 हजार रुपये स्टॉक खरीदने के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी पर भेजे। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर ओटीसी और आईपीओ में निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर करवानी शुरू कर दी। पीड़ित ने 10 फरवरी को 2.20 लाख, 18 फरवरी को 6.45 लाख और 2 मार्च को 13.85 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में भेजे। इस तरह कुल 22.90 लाख रुपये उसके खाते से आरोपियों के बताए खातों में चले गए।

जब पीड़ित ने निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस निकालने का प्रयास किया तो साइबर ठगी का एक और चरण शुरू हुआ। पुलिस के मुताबिक 5 मार्च को उसे व्हाट्सऐप के माध्यम से फिनविजर्ड टेक्नालाजी के नाम से एक कथित पत्र भेजा गया। इसमें प्रोफिट की राशि जारी करने के लिए सर्विस फीस के नाम पर 38,31,001 रुपये और मांगे गए। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

मामले की जांच साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल कुमार की अगुवाई में एएसआई रणधीर सिंह की टीम ने की। जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गांव चकसीखरी निवासी ओम प्रकाश और गांव नंदा कपुरा निवासी मन्नु को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार ओम प्रकाश ने इस मामले में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाया था। बाद में मन्नु ने यह बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई। ओम प्रकाश को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मन्नु को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे