सोनीपत में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, बीस काबू
सोनीपत, 20 फ़रवरी (हि.स.)। सोनीपत
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले
गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और अपराध जांच शाखा की संयुक्त टीम
ने गुरुवार की देर रात फैक्टरी नंबर-394 में छापा मारकर 20 युवक-युवतियों को काबू किया।
इनमें 16 युवक और 4 युवतियां शामिल हैं। सभी लैपटॉप पर काम करते हुए हेडफोन लगाकर विदेशी
नागरिकों से बातचीत कर रहे थे।
उपनिरीक्षक
सतपाल सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त स्थान पर अवैध कॉल सेंटर संचालित कर विदेशियों
को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगा जा रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम गठित कर योजनाबद्ध
तरीके से रेड की गई। टीम में एएसआई राजेश, महावीर, रितु, उपनिरीक्षक यशबीर, नरेश, नवीन,
सिपाही जतिन तथा साइबर सैल के कर्मचारी शामिल रहे।
जांच
में सामने आया कि गिरोह खुद को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का कर्मचारी बताकर अमेरिका के नागरिकों
को कॉल करता था। आरोपित कंप्यूटर में वायरस या तकनीकी खराबी का डर दिखाकर रिमोट एक्सेस
एप्लिकेशन डाउनलोड करवाते थे और उपकरण का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे। इसके बाद
फर्जी जांच दिखाकर पीड़ितों से ईमेल आईडी और बैंक खातों की जानकारी हासिल की जाती थी,
जिससे आगे आर्थिक ठगी की जाती थी।
पूछताछ
में कॉल सेंटर के पर्यवेक्षक अक्षय अरोड़ा और राहुल मुंजाल के नाम सामने आए, जबकि मुख्य
संचालक जनकपुरी, दिल्ली निवासी आशीष गाबा बताया गया है, फिलहाल वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी
के लिए दबिश दी जा रही है। मौके
से तीन लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और तीन हेडफोन कब्जे में लिए गए। तलाशी के दौरान 23
अन्य लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 21 चार्जर, 16 हेडफोन और एक वाई-फाई राउटर बरामद हुआ।
सभी उपकरणों को सील कर लिया गया और साक्ष्य सुरक्षित किए गए।
जब आरोपितों
से दूरसंचार विभाग का लाइसेंस, कंपनी पंजीकरण, भुगतान प्रणाली और डेटा स्रोत से जुड़े
दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे कॉल सेंटर का अवैध
संचालन स्पष्ट हुआ। इस संबंध
में थाना कुंडली में शुक्रवार को विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस पूरे नेटवर्क, बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना