हरियाणा: स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में शामिल होंगी पाठ्येतर गतिविधियां

 


उच्च शिक्षा का हिस्सा होगी एनसीसी, एनएसएस, खेल व सांस्कृतिक गतिविधियांचंडीगढ़, 28 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को अधिक प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों के सर्वांगीण (360-डिग्री) विकास को बढ़ावा देने के लिए एनसीसी, एनएसएस खेल एवं योगासन, सांस्कृतिक गतिविधियां, युवा रेड क्रॉस, इनक्यूबेशन और आउटरीच गतिविधियों को स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) शैक्षणिक ढांचे के तहत औपचारिक मान्यता प्रदान की गई है। इन सभी को पाठ्येतर गतिविधियां अर्थात एक्सट्रा करीकुलर एक्टीविटी माना जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने सोमवार को चंडीगढ़ में बताया कि यह आदेश राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी राज्य विश्वविद्यालयों, सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, स्व-वित्तपोषित तथा निजी कॉलेजों के प्राचार्यों एवं प्रबंधनों पर समान रूप से लागू होंगे।

उन्होंने कहा कि इस कदम से हरियाणा के युवाओं का न केवल मानसिक और बौद्धिक विकास होगा, बल्कि उनमें देश सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की भावना भी और मजबूत होगी।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि पारंपरिक किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक, सामाजिक और शारीरिक कौशल आज के युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। अब तक खेल, योग, एनएसएस या एनसीसी जैसी गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों को अतिरिक्त अकादमिक लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन इस नई व्यवस्था के तहत इन गतिविधियों को उनके पाठ्यक्रम और क्रेडिट सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

मंत्री ने बताया कि योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संलग्न दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने-अपने संस्थानों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

पाठ्येतर गतिविधियों को स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री फ्रेमवर्क का हिस्सा बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त व निजी शिक्षण संस्थानों में प्रभावी होगी। छात्रों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन और आउटरीच गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा