हिसार : दो माह बाद भी नहीं हुई जीएम को दिए गए मांगपत्र पर कार्रवाई : सांझा मोर्चा

 


यूनियनों ने बैठक करके दी कड़े व बड़े आंदोलन की चेतावनी, जीएम के रवैये पर

रोष जताया

हिसार, 18 जून (हि.स.)। हरियाणा रोडवेज सांझा संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है

कि डिपो महाप्रबंधक को गत 29 अप्रैल को दिए गए मांगपत्र पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई

नहीं की गई है। महाप्रबंधक के इस रवैये पर कर्मचारी वर्ग में रोष है और उन्होंने कड़े

आंदोलन की चेतावनी दी है।

इस संबंध में सांझा संघर्ष समिति की विशेष बैठक डिपो कर्मशाला में हुई, जिसमें

महाप्रबंधक के रवैये पर रोष जताया गया। बैठक में मौजूद सांझा संघर्ष समिति के नेताओं

ने गुरुवार काे कहा कि गत पांच जून को मुख्यालय से संयुक्त निदेशक, सांझा मोर्चा व हिसार उपायुक्त

की ओर से भेजे गए एसडीएम की मध्यस्थता में 15 दिन का समय मांगा गया था जो 21 जून को

पूरा हो रहा है इसके उपरांत कर्मचारियों की वित्तीय भत्तों की अदायगी समय पर नहीं की

गई तो आगे की रणनीति बनकर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप

से डिपो महाप्रबंधक व हिसार प्रशासन की होगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 जून को राज्य स्तरीय सांझा मोर्चा तथा सांझा

मोर्चा से बाहर की यूनियनों के राज्य प्रधानों एवं महासचिवों को भी सांझा संघर्ष समिति

द्वारा आमंत्रित किया जाएगा। इस अवसर पर सभी यूनियनों के राज्य स्तरीय पदाधिकारी एवं

सांझा संघर्ष समिति हिसार संयुक्त बैठक कर महाप्रबंधक हिसार की कार्यशैली तथा कर्मचारियों

के लंबे समय से लंबित वित्तीय एवं अन्य भत्तों के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान

नहीं किया गया तो एक बड़े और कड़े आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।

उधर, कर्मचारियों का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता अजय दुहन

ने की जबकि मंच संचालन अरुण शर्मा ने किया। वक्ताओं ने कर्मचारियों से एकजुट रहने और

अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

सांझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता संदीप जैनावास ने कहा कि कर्मचारियों

की लंबित वित्तीय भत्तों का जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को ओर तेज़ किया जाएगा।

उन्होंने कर्मचारियों को एकजुट रहकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। इस अवसर

पर सभी यूनियनों के प्रधान बजरंग लाखा, अमित जुगलान, कर्मवीर मसूदपुर, जितेन्द्र शर्मा,

अनूप श्योकद, पवन कनोह, जोगेंद्र पंघाल, मंजीत सोरखी, नरेंद्र खरड़, राजेश सेलवाल व

रमेश प्रभवाला आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर