हिसार : राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-26 का शुभारंभ, अंतरिक्ष प्रदूषण नियंत्रण पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
हिसार, 25 अगस्त (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-26 का शुभारंभ हुआ। भौतिकी विभाग एवं फिजिक्स एसोसिएशन
के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में अंतरिक्ष तकनीक में प्रगति
और अंतरिक्ष प्रदूषण नियंत्रण विषय पर मंथन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो.
नरसी राम बिश्नोई और कुलसचिव डॉ. विजय कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. आरएस कुंडू ने
कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान और उपग्रह अभियानों के बढ़ते विस्तार के साथ पृथ्वी की निचली
कक्षा में जमा हो रहा अंतरिक्ष मलबा गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि
आधारभूत भौतिकी, सटीक कक्षा मॉडलिंग और उन्नत सामग्रियों के इस्तेमाल से अंतरिक्ष पर्यावरण
को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। उन्होंने आयोजन के लिए फिजिक्स एसोसिएशन
की नवगठित छात्र टीम को बधाई दी।
मुख्य वक्ता डॉ. विवेक गुप्ता ने भारतीय अंतरिक्ष अभियानों की उपलब्धियों और
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसरो ने स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक विकसित
करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने अपनी तकनीकी क्षमता के बल पर वैश्विक
अंतरिक्ष क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है और आने वाले समय में अंतरिक्ष अनुसंधान की
संभावनाएं और व्यापक होंगी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देने
के लिए पोस्टर प्रस्तुति, थीम क्विज और थीम डिबेट समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित
की जा रही हैं। आयोजन में प्रो. सुजाता सांघी, डॉ. रमेश, डॉ. हरदेव, डॉ. रवि भाटिया,
डॉ. साहिल सैनी सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन
में डॉ. रवि भाटिया, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. वंदना नागल, डॉ. साहिल सैनी और फिजिक्स
एसोसिएशन की टीम का विशेष योगदान रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर