हिसार : गुरु जम्भेश्वर विवि. में ‘जीएसटी सुधार व आर्थिक प्रभाव’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

 


एमएसएमईज, स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता पर कर सुधारों

की भूमिका पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

हिसार, 05 फरवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग एवं एनआईआरसी-आईसीएआई हिसार शाखा

के संयुक्त तत्वावधान में सीआरएस ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल-1 में ‘जीएसटी सुधार व उनके

एमएसएमईज, स्टार्ट-अप्स एवं उद्यमीयता पर सामाजिक-आर्थिक प्रभाव’ विषय पर एक राष्ट्रीय

संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त कृष्ण कुमार उद्धाटन

समारोह में मुख्य अतिथि रहे। आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष सीए अतुल गुप्ता व आईसीएआई की

एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य सीए अनुरुद्ध तिवारी सेमिनार

के मुख्य वक्ता थे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की।

मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार ने गुरुवार काे कर प्रणाली में पारदर्शिता

और डिजिटलीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार विद्यार्थियों

के व्यावसायिक कौशल विकास में सहायक होते हैं। मुख्य वक्ता सीए अतुल गुप्ता तथा सीए

अनुरुद्ध तिवारी ने जीएसटी सुधारों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने

बताया कि जीएसटी ने छोटे एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमईज), स्टार्ट-अप्स और नए उद्यमियों

के लिए कर संरचना को सरल बनाया है, जिससे व्यवसाय करने में सुगमता आई है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने अपने अध्यक्षीय

उद्बोधन में कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार विद्यार्थियों, शोधार्थियों और उद्योग

जगत के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि कर सुधारों की समझ वर्तमान

व्यावसायिक और अकादमिक वातावरण में अत्यंत आवश्यक है, जिससे युवा उद्यमी नीतिगत परिवर्तनों

के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।

वाणिज्य विभाग की अध्यक्षा डॉ. निधि तुरान ने

बताया कि यह संगोष्ठी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को कर प्रणाली के व्यावहारिक पहलुओं

से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि जीएसटी जैसे विषयों की गहन समझ

विद्यार्थियों को रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाती है। सीए अमन

बंसल ने कहा कि आईसीएआई और गुजविप्रौवि के इस सहयोग से विद्यार्थियों को व्यावहारिक

कर ज्ञान प्राप्त होगा, जो उन्हें पेशेवर जीवन में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रो. एमएस तुरान

मुख्य अतिथि रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर