हिसार : प्रथम वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

 


विश्वविद्यालय के वर्तमान एवं भूतपूर्व विद्यार्थियों ने भारत का प्रतिनिधित्व

कर जीते पांच स्वर्ण पदक

हिसार, 17 जून (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

के वर्तमान एवं भूतपूर्व विद्यार्थियों ने प्रथम वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप-2026 में

उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय, हरियाणा एवं देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर

पर गौरवान्वित किया है। अहमदाबाद स्थित एका एरिना बाय ट्रांसस्टेडिया में आयोजित इस

प्रतिष्ठित विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में 76 देशों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग

लिया, जहां गुजवि के विद्यार्थियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय

सफलता अर्जित की।

विजेता खिलाड़ियों सुमित व मधु वर्मा का विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो.

नरसी राम बिश्नोई ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर योग विभाग की विभाग अध्यक्षा

प्रोफेसर शबनम जोशी व योग विभाग के शिक्षक डॉ. नवीन कौशिक, डॉ. प्रकाश व मानव कुमार

उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि

पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

दी। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का

चयन एवं पदक प्राप्त करना उनकी अथक मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा योग के प्रति निष्ठा

का प्रतिफल है।

योगा साइंस विभाग की अध्यक्षा प्रो. शबनम जोशी ने बताया कि विश्वविद्यालय के

वर्तमान में अध्ययनरत इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी योग साइंस एंड थेरेपी के विद्यार्थी

सुमित तथा एमएससी (रसायन विज्ञान) की छात्रा मधु वर्मा ने भारतीय टीम के सदस्य के रूप

में प्रतियोगिता में भाग लिया। वहीं, विश्वविद्यालय के भूतपूर्व विद्यार्थी प्रवीण

कुमार पाठक ने खिलाड़ी तथा भूतपूर्व छात्रा कोमल वर्मा ने भारतीय टीम में सहायक कोच

के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता में गुजविप्रौवि के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए

कुल पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए। सुमित ने लेग बैलेंस इंडिविजुअल तथा ट्रेडिशनल ग्रुप

स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दो स्वर्ण पदक अर्जित किए। मधु वर्मा ने बॉडी ट्विस्टिंग

स्पर्धा में स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वहीं, प्रवीण

कुमार पाठक ने भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत और विश्वविद्यालय

का गौरव बढ़ाया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर