हिसार : संस्कृत प्रतियोगिता में कन्या गुरुकुल घिराय का शानदार प्रदर्शन, बना ओवरऑल चैंपियन
प्रश्नोत्तरी, संस्कृत भाषण, गीत और गीता श्लोकोच्चारण
में छात्राओं ने जीते प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान
हिसार, 19 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा साहित्य एवं
संस्कृति अकादमी, पंचकूला की ओर से वेद मंदिर गुरुकुल संस्कृत विद्यापीठ, मताना में
संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं
का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में हिसार, हांसी और फतेहाबाद जिलों के गुरुकुलों एवं
निजी विद्यालयों की 10 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में संस्कृत प्रश्नोत्तरी, श्लोकोच्चारण,
भाषण एवं एकल गीत सहित विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं। कन्या गुरुकुल घिराय की छात्राओं
ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता की ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की।
संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में गुरुवाणी
पानीपत, दीक्षा घिराय और गरिमा घिराय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी में
रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता से संबंधित प्रसंगों पर प्रश्न पूछे गए। संस्कृत
भाषण प्रतियोगिता में खुशी घिराय ने प्रथम स्थान हासिल किया। संस्कृत एकल गीत में सुहाना
भगाना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं गीता श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में इशा
ने द्वितीय तथा इशानी ने तृतीय स्थान हासिल कर गुरुकुल का गौरव बढ़ाया। गुरुकुल की
छात्राओं की टीम इंचार्ज रितु मैडम धिकताना थीं। प्रतियोगिता में हिसार, हांसी और फतेहाबाद
क्षेत्र के विभिन्न गुरुकुलों एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक
भाग लिया। आर्यनगर, डोभी, धीरणवास, फतेहाबाद सहित अनेक गुरुकुलों से विद्यार्थी प्रतियोगिता
में पहुंचे।
मुख्य अतिथि डॉ. चितरंजन दयाल सिंह कौशल ने बुधवार काे विजेता
विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत
की समृद्ध ज्ञान परंपरा और संस्कृति का आधार है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में
संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति से जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य
करती हैं।
कन्या गुरुकुल घिराय की प्राचार्या सुनीता आर्या
को भी छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्य अतिथि व आयोजन समिति द्वारा विशेष
रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. चितरंजन दयाल सिंह ने गुरुकुल प्राचार्या
सुनीता आर्या की प्रशंसा करते हुए उन्हें गार्गी और मैत्रेयी जैसी संज्ञा दी। उन्होंने
कहा कि सुनीता आर्या गुरुकुल की स्थापना से लेकर अब अवैतनिक रूप से गुरुकुल में अपनी
सेवा दे रही हैं जो कि प्रशंसनीय है।
प्राचार्या सुनीता आर्या ने कहा कि छात्राओं की
यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन और गुरुकुल प्रबंधन के निरंतर
सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कन्या गुरुकुल घिराय संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति
और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। छात्राओं की इस उपलब्धि
से पूरे गुरुकुल परिवार में खुशी का माहौल है। कन्या गुरुकुल घिराय की मैनेजमेंट की
ओर से भी छात्राओं और प्राचार्या को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित
किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर