हिसार : दयानंद कॉलेज के पूर्व छात्र का नाम तीसरी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आया

 


हिसार, 22 मई (हि.स.)। दयानंद महाविद्यालय के

पूर्व छात्र कमल कलोई ने अंडर वाटर योगा में तीसरी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

में अपना नाम दर्ज करवाकर अपना व अपने देश का नाम रोशन किया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

में दुनियाभर के आश्चर्यजनक, असाधारण, मानवीय व प्राकृतिक रिकॉर्ड्स का संकलन करने

वाली दुनिया की एक विश्व प्रसिद्ध बुक (संस्था) है।

कमल कलोई ने वर्ष 2020 मे सिंगल ब्रैथ में पानी

में रहकर 21 योगासन कर अपना पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था तथा 2021 में पुनः पानी के

अंदर 81 एयर रिंगस ब्लावन कर अपना नाम दूसरी बार वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया तथा

अब, तीसरी बार फिर से पानी के अंदर 86 पुश-अप का रिकॉर्ड बना कर सम्पूर्ण विश्व में

अपने देश का तथा दयानन्द कॉलेज का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए दयानन्द महाविद्यालय

के प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने शुक्रवार काे कमल कलोई को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य

विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

छात्र की सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत,

अनुशासन व आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। शारीरिक शिक्षा की

विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर सुरजीत कौर ने बताया कि पानी के भीतर बनाए जाने

वाले रिकॉर्ड्स बहुत कठिन माने जाते हैं जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक संतुलन,

और विशेष प्रशिक्षण व कठिन अभ्यास की आवश्यकता होती है। कमल कलोई ने इस रिकॉर्ड को

बनाने के लिए कड़ी मेहनत व निरंतर प्रयास किया व इस उपलब्धि को हासिल किया। छात्र कमल

कलोई की धर्मपत्नी पूजा कलोई भी इंटरनेशनल योगा टीचर रह चुकी हैं तथा योगा की खिलाड़ी

रहने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार गोल्ड मैडलिस्ट भी रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर