हिसार में रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम, यात्री हुए परेशान

 


साढ़े तीन साल से

नाइट व अन्य भत्ते लंबित होने से गुस्साए कर्मचारी

यात्रियों को झेलनी

पड़ी परेशानी, निजी वाहनों ने जमकर कूटी चांदी

हिसार, 25 मई (हि.स.)। पिछले साढ़े

तीन साल से लंबित नाइट, एलटीसी, मेडिकल बिल व अन्य मांगों के हल न होने से गुस्साए

रोडवेज कर्मचारियों ने साेमवार काे हिसार डिपो के गेट बंद करके जाम लगा दिया। दोपहर

दो बजे तक चले जाम के दौरान प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी जाम खुलवाने या कर्मचारियों

से बातचीत करने नहीं आया वहीं निजी वाहनों ने जमकर चांदी कूटी। चक्का जाम के चलते यात्रियों

को भारी परेशानी हुई और वे अपने गंतव्य को जाने के लिए इधर-उधर वाहनों की तलाश में घूमते नजर आए।

रोडवेज कर्मचारियों

ने अपनी लंबित मांगों के हल के लिए चार घंटे तक चक्का जाम किया। कर्मचारियों ने रोडवेज

जीएम और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी

मांगों की अनदेखी की जा रही है। बार-बार नोटिस देकर रोडवेज जीए व

प्रशासन को चक्का जाम के प्रति चेताया गया लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंगी तो उन्हें

मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि अब भी महाप्रबंधक व उच्चाधिकारी

उनकी समस्याओं का हल नहीं करते हैं तो उन्हें और बड़े आंदोलन के लिए तैयार

रहना चाहिए।

अपने चक्का जाम

की घोषणा के तहत सुबह से ही रोडवेज डिपो परिसर में कर्मचारी एकत्रित होने लगे थे। कर्मचारियों

का कहना था कि वे पिछले 10 दिनों से धरना देकर मांगे व समस्याएं उठा रहे हैं लेकिन

सरकार और विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। कर्मचारियों ने कहा कि कई बार ज्ञापन

देने और अधिकारियों से बातचीत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के विरोध

में उन्हें चक्का जाम का रास्ता अपनाना पड़ा। कई रिटायर्ड कर्मचारियों

ने भी आंदोलन में शामिल होकर कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। इनमें नरेश गोयल, एमएल सहगल,

दलबीर किरमारा, राजबीर सिंधु, राजपाल नैन और सुभाष ढिल्लों प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सोमवार को हुए चक्का

जाम में मुख्य रूप से जोगेंद्र पंघाल, मंजीत और मंजीत सोरखी ने मंच संचालन किया। इस

अवसर पर उपरोक्त के अलावा वरिष्ठ नेता रामसिंह बिश्नोई, संदीप जैनावास, अजय दुहन, जितेंद्र

शर्मा, बजरंग लाखा, अनूप श्योकंद, कर्मबीर मसूदपुर, नरेंद्र खरड़, पवन कनोह, रमेश गैबीपुर और आशुतोष शर्मा

सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर