हिसार : एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन
एलआईसी जनता की संपत्ति है, शेयर बाजार की नहीं : त्रिलोक बंसल
हिसार, 05 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार द्वारा
6.5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव के विरोध में ऑल इंडिया इंश्योरेंस
एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को हिसार की दोनों शाखाओं के
कर्मचारियों ने अर्बन एस्टेट स्थित एलआईसी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सरकार
के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने प्रस्तावित विनिवेश को एलआईसी के सार्वजनिक स्वरूप
और पॉलिसीधारकों के हितों के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग
की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के रोहतक मंडल के अध्यक्ष त्रिलोक बंसल
ने कहा कि एलआईसी देश के करोड़ों पॉलिसीधारकों के विश्वास, बचत और दशकों की मेहनत से
खड़ी हुई राष्ट्रीय संस्था है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हिस्सेदारी बेचकर सार्वजनिक
क्षेत्र की इस मजबूत संस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों
में कहा कि एलआईसी जनता की संपत्ति है, शेयर बाजार की नहीं।
त्रिलोक बंसल ने कहा कि सरकार को सार्वजनिक परिसंपत्तियों में हिस्सेदारी बेचकर
राजस्व जुटाने के बजाय निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर
ध्यान देना चाहिए। उनका आरोप था कि राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए सार्वजनिक संस्थानों
का विनिवेश करना न तो देश के हित में है और न ही करोड़ों पॉलिसीधारकों के दीर्घकालिक
हितों के अनुरूप।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित ऑफर फॉर सेल को तत्काल वापस लेने और
एलआईसी के सार्वजनिक स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने की मांग की। संगठन ने कर्मचारियों,
पॉलिसीधारकों और आम नागरिकों से एलआईसी की स्वायत्तता और सार्वजनिक पहचान की रक्षा
के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया।
प्रदर्शन में सुरेंद्र पूनिया, मुकेश कुमार, कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, अंजू
कपूर, उषा ग्रोवर, रणजीत कौर, स्नेह धवन, वैशाली, राजेंद्र सिंह, अजीत सिंह, दिनेश
बंसल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और अभिकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर