हरियाणा चुनाव आयोग कर्मचारियों को मिलेगा ईवीएम प्रबंधन, डेटा सिस्टम, लॉजिस्टिक्स का प्रशिक्षण

 


चंडीगढ़, 28 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा में निकट भविष्य में होने जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में कई तरह के बदलाव नजर आएंगे। राज्य चुनाव आयोग के कर्मचारियों व अधिकारियों को केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा नई तकनीक के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिसे पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम के चुनाव में लागू किया जाएगा।

प्रदेश में अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के साथ रेवाड़ी नगर परिषद और कुछ अन्य निकायों में उपचुनाव संभावित हैं। अप्रैल में चुनाव कराए जा सकते हैं। फिलहाल मतदाता सूचियों के प्रकाशन और आपत्तियों की प्रक्रिया चल रही है। मार्च में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय चुनावों में सबसे ज्यादा शिकायत मतदाता सूची में देरी, नाम गायब, सुधार में लंबे समय को लेकर आती रही हैं। नई व्यवस्था के तहत राज्य चुनाव आयोग को मतदाता सूची के अपडेट और समन्वय के लिए भारत निर्वाचन आयोग से तकनीकी सहयोग मिलेगा। लगातार पुनरीक्षण होगा और डेटा साझा करने की प्रक्रिया आसान बनेगी। इसका सीधा फायदा मतदाताओं और उम्मीदवारों को मिलेगा।

राज्य चुनाव आयोग के कर्मचारियों को ईवीएम प्रबंधन, डेटा सिस्टम, चुनावी लॉजिस्टिक्स और प्रक्रिया संचालन का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट की सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा।

पंचायत और नगर निकाय चुनावों के नियम कई बार विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। अब प्रयास है कि इन कानूनों में बेहतर तालमेल हो। इससे प्रक्रिया साफ और एकरूप होगी। देवेंद्र कल्याण के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के साथ बढ़ता समन्वय हरियाणा के स्थानीय चुनावों को नई मजबूती देगा। कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और पेशेवर प्रशिक्षण मिलने से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा