हिसार : सरकारी स्कूलों में 278 शिक्षक पद खाली, टीजीटी की कमी से पढ़ाई प्रभावित
—एडवोकेट बजरंग इंदल व कार्तिक संदल ने सरकार पर साधा निशाना
हिसार, 02 मार्च (हि.स.)। हिसार जिले सहित पूरे हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर नलवा विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी एडवोकेट बजरंग इंदल तथा सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट कार्तिक संदल ने कड़ा रोष जताया है। दोनों नेताओं ने शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
एडवोकेट बजरंग इंदल एवं एडवोकेट कार्तिक संदल
ने साेमवार काे अपने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि हिसार जिले में शिक्षकों के 278 पद खाली पड़े हैं, जिनमें सबसे बुरा हाल टीजीटी
श्रेणी का है। उन्होंने कहा कि जब छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले 196 टीजीटी शिक्षक
ही नहीं होंगे तो गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों की पढ़ाई कैसे होगी?
एक ही शिक्षक को मजबूरी में कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं जिससे न तो शिक्षक न्याय कर
पा रहा है और न ही छात्र कुछ सीख पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार जानबूझकर
सरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश रच रही है?
एडवोकेट कार्तिक संदल ने सरकार के प्रबंधन पर
सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ नूंह में 4954, यमुनानगर में 1721 और हिसार जैसे जिलों
में सैकड़ों पद खाली हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक
तैनात हैं। यह सरकार की तबादला नीति और नियुक्तियों में भारी विफलता को दर्शाता है।
संदल ने कहा कि हिसार के बच्चों का क्या दोष है कि उन्हें विषय विशेषज्ञ शिक्षक तक
नहीं मिल रहे? सरकार केवल विज्ञापनों में शिक्षा सुधार के दावे करती है जबकि धरातल
पर स्कूल शिक्षकों के बिना सूने पड़े हैं। उन्होंने
सरकार से मांग की है कि हिसार सहित प्रदेश भर में खाली पड़े 15 हजार 451 पदों पर अविलंब
पक्की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, शिक्षकों के युक्तिकरण के नाम पर बच्चों की पढ़ाई
बाधित करना बंद हो, जहां शिक्षक सरप्लस हैं, उन्हें तुरंत कमी वाले स्कूलों में नियुक्त
किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर