शिक्षामंत्री ने उच्चतर व मौलिक शिक्षा विभाग का किया औचक निरीक्षण
चंडीगढ़, 01 जून (हि.स.)। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडाने सोमवार को पंचकूला स्थित उच्चतर शिक्षा विभाग और मौलिक शिक्षा विभाग के
कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कार्यालयों की
कार्यप्रणाली का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति व फाइलों के
निपटान की स्थिति को देखा।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्रीमहीपाल ढांडा ने चेताया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की
जाएगी और कोताही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ स अनुशासनात्मक
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डिजिटलाइजेशन और आधुनिक कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए शिक्षा
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके विभागों का सारा डाटा प्रतिदिन
अनिवार्य रूप से ऑनलाइन अपडेट होना चाहिए।निरीक्षण के दौरान सामने आए लंबित मामलों पर कड़ा संज्ञान
लेते हुए उन्होंने कहा कि जो भी उत्तर या फाइलें लंबे समय से पेंडिंग हैं, उन्हें एक सप्ताह
के भीतर हर हाल में अपडेट कर लिया जाए। यदि तय समय सीमा के अंदर पेंडिंग कार्य
पूरे नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके
खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े
मामलों पर भी गंभीर रुख अपनाया।उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि विभाग के कर्मचारियों के
मेडिकल बिल तय समय सीमा के भीतर पास हो जाने चाहिए।कर्मचारियों को उनके हक के पैसों के लिए परेशान नहीं किया जाना
चाहिए। ढांडा ने कहा कि यदि मेडिकल बिलों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या
लापरवाही पाई गई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभागाध्यक्ष और संबंधित पटल के
कर्मचारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
प्रशासनिक सुधार और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल एक बार का निरीक्षण नहीं है, बल्कि वह खुद हर 15 दिन में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों का बारीकी से
समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि पाक्षिक समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि दिए गए
निर्देशों का कितना पालन हुआ है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने काम के प्रति
लापरवाह पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा