हिसार पहुंची दिल्ली लाठीचार्ज की गूंज, छात्र आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरे वकील व जन संगठन
लघु सचिवालय में प्रदर्शन, बार एसोसिएशन ने कामकाज ठप कर शिक्षा मंत्री के
इस्तीफे की मांग उठाई
हिसार, 21 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुए
लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध की गूंज मंगलवार को हिसार में भी सुनाई
दी। विभिन्न जन संगठनों और हिसार बार एसोसिएशन ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन
कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई,
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की
मांग उठाई।
लघु सचिवालय परिसर में आयोजित धरने में विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों के
प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे, जिन पर ‘सोनम वांगचुक
के साथ न्याय करो, पेपर लीक बंद करो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ जैसे नारे लिखे थे।
वक्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग
लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उधर, हिसार बार एसोसिएशन के वकीलों ने विरोध स्वरूप अपना न्यायिक कार्य स्थगित
रखा और बार रूम के सामने धरना दिया। बार एसोसिएशन ने घोषणा की कि उनका विरोध प्रदर्शन
शुक्रवार तक जारी रहेगा। बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सिंह बाजिया ने कहा कि जंतर-मंतर
पर सोनम वांगचुक और अन्य छात्र-छात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य और पारदर्शी
भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया,
वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना
लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह लाडवा ने आरोप लगाया कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था,
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक पर स्थायी रोक की मांग करना कोई अपराध नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार बल प्रयोग के जरिए युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है,
जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों पर जल्द
सकारात्मक निर्णय नहीं लेती और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते
हुए इस्तीफा नहीं देते, तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर