हिसार : हरियाणा ने विकास व समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ चौ. भजनलाल के शासन में : कुलदीप बिश्नोई
आदमपुर समाधि स्थल पर परिवारजनों, समर्थकों व गणमान्य लोगों ने अर्पित की पुष्पांजलि
जयंती पर प्रदेशभर में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं युगपुरुष स्व. चौधरी भजनलाल
की 96वीं जयंती पर मंगलवार को आदमपुर से लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धा
और सम्मान का भाव देखने को मिला। हरियाणा के अलावा दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश,
पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन
किया। आदमपुर स्थित समाधि स्थल पर पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई, पूर्व विधायक रेनुका
बिश्नोई, पूर्व विधायक दुड़ाराम, पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई व विधायक रणधीर पनिहार
सहित परिवार के सदस्यों और अनेक गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने हिसार स्थित
बिश्नोई मंदिर, मंगाली बिश्नोई मंदिर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर समर्थकों और
कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शिरकत की और चौधरी भजनलाल
को नमन किया। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि चौधरी भजनलाल 36 बिरादरी के सर्वमान्य नेता
थे। उनके शासनकाल में हरियाणा ने विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने
पूरे प्रदेश को समान रूप से विकास की धारा से जोड़ते हुए हर क्षेत्र और हर वर्ग के
उत्थान के लिए काम किया। जनसेवा के कार्यों और सहज व्यवहार के कारण उन्होंने समाज के
प्रत्येक वर्ग के दिल में विशेष स्थान बनाया।उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के कोने-कोने
में चौधरी भजनलाल की ओर से करवाए गए विकास कार्य उनकी दूरदर्शी सोच और जनहित के प्रति
प्रतिबद्धता की गवाही देते हैं। चौधरी भजनलाल अपने आप में एक संपूर्ण संस्था थे। विभाजन
के समय उनकी जेब में पांच रुपये भी नहीं थे और उनके परिवार की पिछली पीढ़ियों में दूर-दूर
तक राजनीति से कोई जुड़ा हुआ नहीं था। इसके बावजूद अपनी असाधारण प्रतिभा, संघर्ष और
जनसेवा के संकल्प के बल पर उन्होंने पंच से लेकर ब्लॉक समिति चेयरमैन, विधायक, मंत्री,
सांसद, केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों तक का सफर तय
किया।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि चौधरी भजनलाल का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि
उनके राजनीतिक विरोधी भी उनकी प्रतिभा और जनसेवा की क्षमता से प्रभावित हुए बिना नहीं
रह पाते थे। उन्होंने सदैव समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और जनहित को सर्वोच्च
प्राथमिकता देने का काम किया। राजनीतिक जीवन के साथ-साथ वे अनेक सामाजिक संस्थाओं और
संगठनों से जुड़े रहे तथा समाजसेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। अपने
पिता को याद करते हुए कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश भी साझा किया।
उन्होंने लिखा कि वह दिन, जब एक महान आत्मा इस धरती पर आई थी, जिसने उन्हें सिर्फ जीवन
ही नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने का सही अर्थ भी सिखाया। उनकी सीख, अनुशासन और स्नेह
आज भी प्रत्येक कदम के साथ है। उन्होंने लिखा कि पिताजी केवल एक पिता नहीं थे, बल्कि
उनके पहले शिक्षक, पहले मित्र और सबसे बड़े आदर्श थे। उनकी आंखों में हमेशा बच्चों
के लिए सपने और हृदय में उनकी खुशियां थीं। जीवन के हर संघर्ष का उन्होंने मुस्कुराते
हुए सामना किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए राह आसान हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर