हरियाणा: मीट की दुकान व स्लाटर हाउस संचालन काे दाेहरा लाइसेंस जरूरी नहीं
चंडीगढ़, 22 जून (हि.स.)। हरियाणा में अब नगर पालिका तथा नगर निगम की सीमा में मीट की दुकान करने तथा सलाटर हाउस चलाने के लिए नगर पालिका व नगर निगम के लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2026 और नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी प्रदान की गई।
इस अध्यादेशों के माध्यम से मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा 200 की उपधारा (1) तथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 329 की उपधारा (1) में संशोधन को मंजूरी दी है। भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के डी-रेगुलेशन सेल द्वारा दोहरे लाइसेंस समाप्त करने के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है। संशोधन में उन प्रावधानों को हटाया गया है, जिनमें मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है, क्योंकि इसी तरह के व्यवसायों को खाद्य और औषधि प्रशासन हरियाणा द्वारा भी विनियमित (रेगुलेटिड) किया जा रहा है। इन संशोधनों से दोहरे लाइसेंस समाप्त होंगे, तथा आम जनता को नियमों की अनुपालना में राहत होगी।
मीट की दुकान का संचालन करने तथा स्लाटर हाउस का संचालन करने वालों को अब पालिका या निगम से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। अब केवल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के माध्यम से दिया जाने वाला लाइेंसस तथा वेरीफिकेशन इस कारोबार के लिए मान्य होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा