हिसार :महापंचायत में तस्करों ने की नशे के कारोबार आए तौबा

 


नशा बेचने वाले बोले : आज के बाद नहीं करेंगे

अवैध कारोबार, पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

हिसार, 27 अगस्त (हि.स.)। नारनौंद

उपमंडल के गांव राजथल में नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों ने

अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को गांव की चौपाल में आयोजित महापंचायत में नशे

के कारोबार से जुड़े लोगों को भी पंचायत के बीच बुलाया गया। ग्रामीणों के सामने उन्होंने

भरोसा दिलाया कि आज के बाद वे अवैध नशा नहीं बेचेंगे और गांव को नशामुक्त बनाने के

अभियान में सहयोग करेंगे। महापंचायत में पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे और

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस हर स्तर पर साथ

देगी।

राजथल में पिछले काफी समय से अवैध नशे की बिक्री

ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे के कारण गांव

की प्रदेशभर में बदनामी हो रही है और सबसे अधिक नुकसान गांव के युवाओं को हो रहा है।

नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पहले भी ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन की ओर से कई

प्रयास किए गए, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। इसी के चलते ग्रामीणों ने

अब गांव स्तर पर अभियान को मजबूत करने का निर्णय लिया है।

महापंचायत की अध्यक्षता रामकुमार शर्मा ने की।

पंचायत में ग्रामीणों और युवाओं ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद कई बार

अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से अभियान कमजोर पड़ जाता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया

कि यदि पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिले तो गांव के युवा नशे के कारोबार को खत्म करने

के लिए किसी भी हद तक प्रयास करने को तैयार हैं। पंचायत में नशा बेचने वालों को बुलाकर

उनसे सीधे जवाब लिया गया, जिस पर उन्होंने भविष्य में अवैध नशे की बिक्री नहीं करने

का भरोसा दिया।

पंचायत में यह भी तय किया गया कि गांव में यदि

कोई व्यक्ति दोबारा नशे की बिक्री करता पाया जाता है तो ग्रामीण उसका नाम पंचायत के

सामने रखेंगे और पुलिस को सूचना देकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाएंगे। पंचायत

में मौजूद मौजिज लोगों ने नशा बेचने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि इसे आखिरी मौका

समझें। इसके बाद यदि कोई व्यक्ति नशे के कारोबार में संलिप्त पाया गया तो उसका नाम

पुलिस को सौंपकर कार्रवाई करवाई जाएगी।

महापंचायत में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ढिल्लों

और सीआईए प्रभारी सुरेंद्र सिंह भी पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे पर प्रभावी

रोक लगाने के लिए पुलिस के साथ ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी है। गांव की ओर से गठित

की जाने वाली कमेटी के साथ मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने अवैध नशे

के कारोबार में शामिल लोगों को चेतावनी दी कि वे इस धंधे को छोड़ दें, अन्यथा पुलिस

की ओर से उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नशे ने गांव की छवि को पहुंचाया नुकसान

ग्रामीण रामकुमार शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि अनिल

गोदारा, जोगेंद्र मान, मेहर सिंह बिसला, बच्चन मान और चांदी राम ने कहा कि अवैध नशे

के कारण राजथल की छवि खराब हो रही है। गांव के लोग इस बदनामी से परेशान हैं। उन्होंने

कहा कि नशे की बुराई को खत्म करने के लिए ग्रामीण पहले भी प्रयास करते रहे हैं, लेकिन

अब पुलिस और प्रशासन के सहयोग से इस अभियान को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर