सिरसा में गहरा पेयजल संकट, बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण

 


सिरसा, 17 जून (हि.स.)। सिरसा जिले में पानी का संकट गहरा गया है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। पानी मोल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जिले के गांव रामपुरा ढिल्लो में पिछले एक पखवाड़े से पेयजल संकट के चलते बुधवार को ग्रामीण वाटर वक्र्स पर पहुंचे और शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री के 19 जून के प्रस्तावित सिरसा दौरे के दौरान मिलकर संबंधित विभाग के अधिकारियों की शिकायत करेंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ तो हरियाणा सरकार जहां हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं सिरसा जिले का रामपुरा ढिल्लो गांव पिछले 15 दिनों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही के कारण गांव में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वाटर वक्र्स की स्थिति बदहाल बनी हुई है। यहां की डिग्गियां खाली पड़ी हैं, सफाई व्यवस्था नाममात्र की है, मोटर खराब पड़ी है और परिसर की दीवारें तक टूटी हुई हैं, जिससे आवारा पशु आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की अनदेखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां वाटर वक्र्स पर छह कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां केवल एक कर्मचारी के भरोसे पूरी व्यवस्था चलाई जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से पानी की समस्या झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने 19 जून को मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है। रामपुरा ढिल्लो के सरपंच रविल सिंवर का कहना है कि गांव की पेयजल समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही स्थायी समाधान करवाया जाएगा। जब भी ग्रामीणों को आवश्यकता पड़ी है, ग्राम पंचायत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई अश्वनी तायल का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद कर्मचारियों से बातचीत की गई है। जल्द ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। साथ ही तीन अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma