हिसार : अग्रोहा में 100 करोड़ की लागत से 32 एकड़ में बनेगी ‘श्री नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी’

 




पिता स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका को मुखाग्नि देने के बाद डॉ. सुभाष

चंद्रा ने की भावुक घोषणा

हिसार, 15 जुलाई (हि.स.)। एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा

सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका

को मुखाग्नि देने के बाद एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने अपने पिता की स्मृति और उनकी सामाजिक

विरासत को अमर रखने के लिए अग्रोहा में 32 एकड़ भूमि पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत

से श्री नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी स्थापित करने का संकल्प लिया है। गोभक्त नंद

किशोर गोयनका का निधन गत 13 जुलाई को हुआ था, जिसके बाद बुधवार को अग्रोहा स्थित गोयनका

उद्यान में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान व धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न

हुआ।

अंतिम संस्कार के उपरांत डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह क्षेत्र

मुख्य रूप से कारोबारियों और उद्यमियों का इलाका रहा है। इस क्षेत्र के युवाओं को वैश्विक

स्तर की व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान आंत्रप्रेन्योरशिप

डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' (ईडीआईआई), अहमदाबाद के साथ एक विशेष समझौता किया गया है। यह यूनिवर्सिटी युवाओं में उद्यमिता

और कौशल विकास को नए आयाम देगी।

यूनिवर्सिटी में शुरू होगा 'समाज सेवा' का विशेष कोर्स

डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि उनके पिता का जीवन हमेशा समाज कल्याण

और सेवा को समर्पित रहा। उनकी इसी सोच को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय

में एक अनोखी पहल की जाएगी। हमारा पूरा परिवार भाग्यशाली है कि हमने ऐसी पुण्य आत्मा

के घर जन्म लिया। अग्रोहा पूरे वैश्य और अग्रवाल समाज की पवित्र भूमि है, जिसने हमेशा

देश-विदेश को बड़ी प्रेरणा दी है। पिता जी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए हम चारों

भाइयों ने मिलकर इस विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। हमारी 32 एकड़ पारिवारिक

जमीन पर बनने वाले इस संस्थान में समाज सेवा और समाज को वापस लौटाने से जुड़ा एक विशेष

कोर्स भी शुरू किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर