जींद : निपुण मिशन में अब रामलीला के जरिये निखरेगा बच्चों का भाषा कौशल

 


जींद, 04 अक्टूबर (हि.स.)। निपुण हरियाणा मिशन के तहत अब प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में भाषा कौशल, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए रामलीला को भी सीखने की गतिविधि के रूप में शामिल किया गया है।हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुण रामलीला आयोजित करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को रामकथा के छोटे-छोटे प्रसंगों का मंचन कराया जाएगा।

जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बच्चों को भाषा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराने के लिए धारा प्रवाह पढऩा, शब्द पहचान, अक्षर ज्ञान और ध्वनि जागरूकता जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं।

निपुण रामलीला के दृश्यों का विद्यालयों में अभ्यास एक अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है। इसके लिए विभाग की ओर से रामलीला के पांच छोटे-छोटे दृश्य सुझाए गए हैं। शिक्षक इन दृश्यों में से किसी एक का चयन कर विद्यार्थियों को तैयार कर सकते हैं अथवा अपनी सुविधा के अनुसार दृश्य की योजना बना सकते हैं। इसके लिए बाल राम कथा की पुस्तक अथवा पाठ का भी उपयोग किया जा सकता है। विद्यालयों में रामलीला का आयोजन 29 सितंबर से 19 अक्टूबर 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में किया जा सकता है। इसके बाद समुदाय आधारित जिला स्तरीय निपुण रामलीला का आयोजन छह नवंबर तक किया जाना है। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि 21 से 30 अक्टूबर तक क्लस्टर, खंड एवं जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ तीन निपुण रामलीलाओं का चयन किया जाएगा।

निपुण रामलीला में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विशेष रूप से कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों को कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों की तुलना में बोलने के अधिक अवसर दिए जाने हैं। इस प्रकार रामलीला को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम न बनाकर बच्चों के सीखने और उनकी भाषा संबंधी दक्षताओं को परखने वाली गतिविधि के रूप में संचालित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा