एसवीएसयू पलवल के दिनेश ने इंडिया स्किल्स में जीता सिल्वर मेडल

 


पलवल, 03 अप्रैल (हि.स.)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के बीवॉक मेकाट्रॉनिक्स के विद्यार्थी दिनेश ने इंडिया स्किल्स-2026 में सिल्वर मेडल जीत कर इतिहास रच दिया है। इससे पूर्व दिनेश ने इंडिया स्किल्स 2025-26 उत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता में इंडस्ट्रियल कंट्रोल एन्ड ऑटोमेशन में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसी के साथ अब दिनेश कुमार इस वर्ष चीन के शंघाई में होने वाली वर्ल्ड स्किल्स चैम्पियनशिप की दौड़ में शामिल हो गया है। युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने दिनेश को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मेडल जीतने पर दिनेश को बधाई दी और शुक्रवार को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि दिनेश ने अपनी कड़ी मेहनत और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में अर्जित ट्रेनिंग तथा हमारे इंडस्ट्री पार्टनर हीरो मोटर कॉर्प के प्रशिक्षण के दम यह मेडल जीता है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने दिनेश को वर्ल्ड स्किल्स चैंपियनशिप के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिलाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल के क्षेत्र में युवाओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण दे रहा है और इंडस्ट्री पार्टनर इसमें अपना निरंतर सहयोग दे रहे हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए दिनेश के शिक्षक डॉ. संजय राठौर, डॉ. मनी कंवर सिंह और डॉ. जगबीर सिंह को बधाई दी। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने भी इस उपलब्धि के लिए दिनेश को बधाई दी और वर्ल्ड स्किल्स में प्रतिभागिता के लिए शुभकामनाएं दी। दिनेश ने बताया कि यह मुकाम हासिल करने के लिए उसने कई महीने तक दिन-रात मेहनत की है। शिक्षकों और हीरो मोटर कॉर्प के विषेशज्ञों ने उसे इंडस्ट्रियल कंट्रोल एन्ड ऑटोमेशन के गुर सिखाए। दिनेश ने बताया कि उसने विपरीत परिस्थितियों में यह उपलब्धि अर्जित की है। पिता राकेश दिव्यांग हैं और माता का देहांत हो चुका है। इसके बावजूद दिनेश ने स्किल्स को विकसित करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया और राष्ट्रीय स्टार पर सिल्वर मेडल जीत लिया। दिनेश ने कहा कि मेरा सपना है कि मैं अब भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए चीन में जाकर गोल्ड मेडल जीत कर लाऊँ और अब मैं अपना यही ख्वाब पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करूंगा। इस उपलब्धि के लिए दिनेश ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग