नूंह: घासेड़ा से देशभक्ति की नई मुहिम शुरू, 200 युवा बने राष्ट्र प्रथम साथी

 


नूंह, 31 अक्टूबर (हि.स.)। गांधीग्राम घासेड़ा एक बार फिर राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के संदेश का केंद्र बना। राष्ट्रीय एकता दिवस पर सशक्त युवा फाउंडेशन की पहल से यहां ‘राष्ट्र प्रथम साथी अभियान’ का शनिवार से शुभारंभ हुआ। उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर 1947 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी इसी गांव में आए थे। उन्होंने विभाजन के दौरान पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे मेवातियों से भारत में ही रहने की अपील की थी और उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। गांधीजी की इसी ऐतिहासिक विरासत से जुड़े गांव में युवाओं ने राष्ट्रसेवा का नया संकल्प लिया।

जिला संयोजक इमरान सरपंच के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक युवाओं ने अभियान से जुड़कर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सेवा की शपथ ली। जिला अध्यक्ष जाकिर कोटला ने बताया कि प्रदेश एवं जिला टीमों की घोषणा हो चुकी है। जल्द ही खंड, क्लस्टर और ग्राम स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी। अभियान पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहेगा। नूंह, पलवल, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लगभग 700 गाँवों तथा 22 कस्बों में 9,000 साथी जोड़ने का लक्ष्य है।

कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार विजेता एवं मुख्य वक्ता राजूद्दीन मेवाती ने कहा कि 1526 में राजा हसन खाँ मेवाती ने भारतवर्ष के लिए राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया था। आज सशक्त युवा फाउंडेशन उसी विचार को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के पहले केंद्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने लगभग 565 रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर राष्ट्रीय एकता को नई दिशा दी थी। पिछले वर्ष वंदे सरदार एकता पदयात्रा के माध्यम से जगाई गई देशभक्ति की अलख को यह अभियान दूसरे चरण में आगे बढ़ाएगा। मोहम्मद साजिद ने कहा कि मेवात के जर्रे-जर्रे में देशभक्ति और वतनपरस्ती है। युवाओं को बुराइयों से बचाने और पूर्वजों के राष्ट्रप्रेम से परिचित कराने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 14 मार्च 2027 को साथियों का महासम्मेलन आयोजित होगा। यह शहीद राजा हसन खाँ मेवाती के 500वें बलिदान दिवस से एक दिन पूर्व होगा। कार्यक्रम में हाजी रुद्दन, नोमान खान, मियां जी, अयूब और नियाजी नसरुद्दीन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया