अपराधियों की अब डिजिटल कुंडली तैयार, 47 हजार का सत्यापन
29 हजार की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में, पीओ और बेल जंपर्स का डाटा दो सप्ताह में होगा अपलोड
पांच महीने में 2.72 लाख चालान, 31.22 लाख वाहनों की जांच, 22,269 जब्त
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में अपराधियों की पहचान और धरपकड़ के लिए अब तकनीक आधारित पुलिसिंग के साथ जमीनी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही का दायरा बढ़ाया जाएगा। प्रदेश के 47,124 सक्रिय अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा चुका है, जबकि 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड की गई हैं। अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस थानों और चौकियों में लगे 6,644 सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने, रात्रि नाकाबंदी मजबूत करने तथा अपराधियों के रिकॉर्ड को लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शुक्रवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के सभी जिलों में पुलिसिंग की विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसमें पुलिस थानों एवं चौकियों के सीसीटीवी कैमरे, सक्रिय अपराधियों का सत्यापन, फेस रिकग्निशन सिस्टम, रात्रि नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तथा आपातकालीन रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने जैसे मुद्दे शामिल रहे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी भाग लिया।
24 जिलों के थानों और चौकियों में 6,644 सीसीटीवी कैमरे स्थापित
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के सभी 24 जिलों में 389 पुलिस थाने और 327 पुलिस चौकियां हैं। इनमें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की सीसीटीवी परियोजना के तहत कुल 6,644 कैमरे स्थापित किए गए हैं। ईआरएसएस के पुलिस अधीक्षक हरीश जैन ने इस संबंध में प्रेजेंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित स्थानों पर उनकी स्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कैमरों की लोकेशन, तकनीकी खराबियों, नेटवर्क संबंधी समस्याओं और कार्यशीलता की नियमित समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
47,124 सक्रिय अपराधियों का सत्यापन, 29,416 की तस्वीरें सिस्टम पर अपलोड
सक्रिय अपराधियों के रिकॉर्ड को अपडेट करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था राकेश आर्य ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में कुल 47,124 सक्रिय अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड की गई हैं। प्रदेश के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों के डेटा का शत-प्रतिशत फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों ने सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत डेटा अपलोड कर दिया है, दो सप्ताह में घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स-पीओ), बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों की तस्वीरें एवं अन्य संबंधित डाटा अपलोड किया जाए।
बिना नंबर प्लेट और एचएसआरपी वाले वाहनों के 2.72 लाख चालान
बिना नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी के सड़कों पर चलने वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में बताया गया कि 1 जून से 28 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में कुल 31,22,168 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान बिना नंबर प्लेट वाले 1,14,566 वाहनों के चालान किए गए, जबकि बिना एचएसआरपी वाले 1,57,926 वाहनों के चालान किए गए। इस प्रकार कुल 2,72,492 चालान किए गए और 22,269 वाहन जब्त किए गए। बैठक में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) और जिलों में तैनात ईआरवी की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा