हिसार : लचर स्वास्थ्य सेवाओं ने ले ली नवजात की जान, वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ा
वेंटिलेटर के लिए हिसार व रोहतक के बीच दौड़ते
रहे परिजन
पीएमओ बोली, एक ही वेंटिलेटर था, उस पर था और
बच्चा एडमिट
हिसार, 02 जुलाई (हि.स.)। सरकार की लचर स्वास्थ्य
सेवाओं ने एक नवजात बच्चे की जान ले ली। उपचाराधीन नवजात को यदि समय पर वेंटिलेटर मिलता
तो उसकी जान बच जाती लेकिन अफसोस की बात है कि जिले के नागरिक अस्पताल के निकू वार्ड
में केवल एक ही वेंटिलेटर था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से बिहार के
औरंगाबाद निवासी राकेश कुमार हिसार में मजूदरी करके परिवार पालता है। महावीर कॉलोनी
में रह रहे राकेश कुमार की पत्नी पूजा को प्रसव के लिए जिले के नागरिक अस्पताल में
भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे एनआईसीयू (निकू) में
भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर
कर दिया।
परिजन श्रवण कुमार ने गुरुवार को बताया कि बुधवार
दोपहर करीब तीन बजे एंबुलेंस से बच्चे को रोहतक ले जाया गया, जहां शाम करीब साढ़े पांच
बजे पहुंचने के बाद उसे भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि वेंटिलेटर
सुबह सात बजे तक मिल सकेगा। पूरी रात इंतजार करने के बाद भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं
हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों से बच्चे को कहीं और ले जाने की बात कही। परिजनों
का कहना है कि वे बच्चे को लेकर वापस हिसार पहुंचे और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया,
लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक नवजात की बुआ ज्ञानो ने कहा कि यदि समय पर
इलाज और वेंटिलेटर मिल जाता तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। परिवार का रो-रोकर
बुरा हाल है और वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में नागरिक अस्पताल की पीएमओ रीना जैन ने बताया कि
एनआईसीयू में केवल एक ही वेंटिलेटर है। उस पर पहले से एक बच्चा भर्ती था। अग्रोहा मेडिकल
कॉलेज में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था, इसलिए नवजात को बेहतर उपचार की उम्मीद में
रोहतक रेफर किया गया था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर