हांसी : चानौत में टी उखाड़ने के बाद दिनभर रणनीति बनाते रहे धरना कमेटी सदस्य
26 जून से पुनः आमरण अनशन की चेतावनी, धोखा चानौत
गांव ही नहीं, मेरे साथ भी हुआ: सोमेश
25 तक समाधान नहीं किया तो अधिकारियों के नाम
उजागर कर चानौत धरने पर शुरू करुंगा आमरण अनशन
हांसी, 23 जून (हि.स.)। चानौत गांव की पेयजल समस्या
को लेकर चल रहे आंदोलन में नया मोड़ आ गया है। भाखड़ा नहर से हांसी शहर को आने वाली
पाइपलाइन में लगाया गया टी-कनेक्शन उखाड़े जाने के बाद धरना कमेटी के सदस्य मंगलवार
को पूरे दिन आगामी रणनीति बनाने में जुटे रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन पर
वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 26 जून से दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी
है।
आंदोलन के दौरान सरकार और ग्रामीणों के बीच मध्यस्थ
की भूमिका निभाने वाले सोमेश ने भी पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा
कि उन्हें आंदोलन समाप्त करवाने और समाधान निकालने के लिए मध्यस्थ बनाकर भेजा गया था।
उन्होंने दावा किया कि चंडीगढ़ स्तर के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही टी, पाइप,
जेसीबी मशीन और जनरेटर मौके पर पहुंचे थे तथा इसी आधार पर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया
गया था कि उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
सोमेश ने कहा कि बाद में जिस प्रकार टी-कनेक्शन
को उखाड़ दिया गया, उससे केवल चानौत गांव के लोगों के साथ ही नहीं बल्कि उनके साथ भी
धोखा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अधिकारी पूरे मामले की जिम्मेदारी से बचने
का प्रयास कर रहे हैं और एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं। सोमेश ने कहा कि यदि सरकार ने
25 जून तक गांव की पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया तो वह स्वयं धरनास्थल पर आमरण-अनशन
शुरू करके सभी अधिकारियों के नाम उजागर करेंगे।
उधर, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गांव की पेयजल
सप्लाई के लिए लगाई गई टी को रात के अंधेरे में उखाड़ने पर धरना कमेटी के सदस्यों व
ग्रामीणों में भारी रोष है। धरनास्थल पर दिनभर चली बैठकों में आंदोलन को तेज करने और
आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। धरना कमेटी का कहना है कि उनका संघर्ष गांव को पेयजल
उपलब्ध करवाने तक जारी रहेगा और किसी भी दबाव में आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी
देते हुए कहा कि यदि 25 जून तक चानौत गांव की पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया
तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो
पूरे घटनाक्रम में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे
ताकि ग्रामीणों को सच्चाई पता चल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर