जींद : जन्माष्टमी पर्व को लेकर जींद पुलिस अलर्ट, मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
जींद, 03 सितंबर (हि.स.)। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व शुक्रवार को को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न करवाने के लिए जींद पुलिस द्वारा जिला के सभी मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने सभी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बावर्दी पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ सिविल कपड़ों में भी ड्यूटी लगाकर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जन्माष्टमी पर्व शुक्रवार को है और मंदिरों में बाल गोपाल को झूला झुलाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शहर के जयंती देवी मंदिर, वैष्णवी धाम, लक्ष्मी नारायण मंदिर, शिव मंदिर, रानी तालाब, श्री राम मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में विशेष साज सज्जा की गई है। एसपी ने सभी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में लगातार गश्त एवं चेकिंग सुनिश्चित करें। इसके अलावा जिला के सभी राइडरों एवं पीसीआर वाहनों को भी मंदिरों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर समय-समय पर लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय श्रद्धालु विशेष रूप से मंदिरों में एकत्रित होते हैं तथा अनेक महिलाएं व्रत खोलती हैं। ऐसे में मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।
पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। मंदिर परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी के साथ लगातार निगरानी एवं गश्त सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस पावन पर्व को शांति, सौहार्द एवं भाईचारे के साथ मनाएं तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि श्रद्धालु मंदिरों में अनावश्यक भीड़ न लगाएं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। जींद पुलिस का उद्देश्य है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा