जींद : सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, संस्कृति और साहस का प्रतीक: डा. कृष्ण मिड्ढा
जींद, 11 मई (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि भगवान शिव का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है और यह केवल एक मंदिर नही बल्कि भारत की संस्कृति, चेतना, आस्था और साहस का जीवंत प्रतीक है। इतिहास में अनेक बार सोमनाथ मंदिर को तोडऩे और लूटने का प्रयास किया गया लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक दृढ़ता व स्वाभिमान के साथ पुन: खड़ा हुआ।
डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा सोमवार को जयंती देवी मंदिर परिसर में मनाए गए जिला स्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण केवल एक मंदिर पर नहींए बल्कि भारत की संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना पर हमला था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल तथा महान राष्ट्रवादी चिंतक केएम मुंशी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का सपना साकार किया। आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल उत्सव नही बल्कि राष्ट्र गौरव और सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का संदेश देता है। सोमनाथ मंदिर हमें यह सिखाता है कि चाहे कितनी भी चुनौतियां आएं हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट आस्था बनाए रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पर्वों के आयोजन से लोगों में अपनी संस्कृति और विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में पंहुचे उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा कि सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन 11 जनवरी से 11 जनवरी 2027 तक पूरे वर्ष किया जाएगा। इस दौरान देशभर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष रेल यात्राओं का संचालन किया जा रहा हैए जिससे अधिकाधिक लोग सोमनाथ धाम के दर्शन कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा