हरियाणा सरकार ने तैयार किया शहरों का ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान
नारनौल 2041,नारायणगढ़ 2031,पानीपत व कुरुक्षेत्र 2041 की तैयारी शुरू
चंडीगढ़, 03 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में भूमि के उपयोग, शहरी विकास और भवनों के निर्माण को व्यवस्थित करने के लिए विभिन्न जिलों के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान पर विचार-विमर्श तथा अनुमोदन हेतु सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय में एसएलसी (स्टेट लेवल कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा नारायणगढ़ की 2031 की विकास योजना तथा कुरुक्षेत्र, नारनौल व पानीपत की 2041 की विकास योजनाएं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गईं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं को भविष्य की जनसंख्या, आधुनिक शहरी आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संतुलन, बेहतर परिवहन व्यवस्था तथा टिकाऊ एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया जाए ताकि प्रदेशवासियों को भविष्य में किसी भी मूलभूत सुविधा की कमी का सामना न करना पड़े। इसी प्रकार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा बिजलीघरों, एंटरटेनमेंट जोन तथा अन्य सभी सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा जाए।
नारायणगढ़-2031 विकास योजना के संबंध में हरियाणा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नारायणगढ़ को 2031 में संभावित 95000 की आबादी के अनुसार विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत नारायणगढ़ में 6 रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के विकास के बाद उत्पन्न नई विकास संभावनाओं, औद्योगिक क्षेत्र के विकास, प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था के संरक्षण तथा ग्रीन जोन सहित विकास योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारायणगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र तथा आवासीय क्षेत्र के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए ताकि आमजन को कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में आइकॉनिक डेस्टिनेशन स्कीम के तहत 250 एकड़ में विकसित किए जाने वाले क्षेत्र के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित की जाए, क्योंकि यह योजना कुरुक्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में सरस्वती नदी के कैचमेंट एरिया में बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए पुख्ता योजना बनाई जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नारनौल-2041 विकास योजना के अंतर्गत कुल 20 रिहायशी सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस दौरान नारनौल में एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच) के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, नए बाईपास को योजना में शामिल करने तथा आवासीय, औद्योगिक, परिवहन एवं हरित क्षेत्रों के संतुलित विकास पर चर्चा की गई।
इसी प्रकार पानीपत-2041 विकास योजना में शहर की बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2021 के मास्टर प्लान के अनुरूप बसे शहर के दाएं व बाएं नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने सहित सडक़ नेटवर्क, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन तथा अन्य आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई जाए। उद्योगों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां रेनीवैल इत्यादि की व्यवस्था करने के संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा