हिसार : लुवास के विद्यार्थियों काे शिमला एवं पंचकूला में साहसिक शिविर के लिए किया प्रस्थान
हिसार, 10 अप्रैल (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु
चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के विद्यार्थियों ने साहसिक गतिविधियों
में भाग लेने के लिए दो अलग-अलग स्थलों के लिए शुक्रवार काे प्रस्थान किया। विश्वविद्यालय के कुल
77 विद्यार्थियों के दल (50 विद्यार्थी हटकोटी, शिमला तथा 27 विद्यार्थी थापली, पंचकूला)
ने अपने-अपने साहसिक शिविरों में भाग लेने के लिए हर्षोल्लास के साथ रवाना होकर एक
प्रेरणादायक वातावरण प्रस्तुत किया।
हिमाचल प्रदेश के रमणीय स्थल हटकोटी (शिमला)
के लिए 50 विद्यार्थियों (20 छात्राओं एवं 30 छात्रों) का दल तथा पंचकूला स्थित थापली
के लिए प्रथम वर्ष के 27 विद्यार्थियों (12 छात्र एवं 15 छात्राओं) का दल प्रस्थान
किया। इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता, टीम
भावना तथा साहसिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना है।
प्रस्थान के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति
डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के साहसिक
शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ये गतिविधियाँ न केवल शारीरिक दक्षता को बढ़ाती हैं, बल्कि मानसिक
दृढ़ता, नेतृत्व कौशल एवं आपसी समन्वय को भी सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों
को अनुशासन, सुरक्षा एवं टीम भावना का पालन करते हुए शिविर का अधिकतम लाभ उठाने की
प्रेरणा दी।
छात्र कल्याण निदेशक-सह-संपदा अधिकारी डॉ. संदीप
कुमार ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत सहायक
सिद्ध होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, सहयोगात्मक
व्यवहार बनाए रखने तथा विश्वविद्यालय की गरिमा को बनाए रखने का संदेश दिया।
छात्र कल्याण उप निदेशक (खेल) डॉ. यशवंत सिंह
ने विद्यार्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते हुए सुरक्षा मानकों के पालन,
समय-पालन एवं अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। हटकोटी (शिमला) के लिए प्रस्थान
करने वाले दल के साथ डॉ. कमलदीप एवं डॉ. अनिका मलिक मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित
हैं, जबकि थापली (पंचकूला) शिविर के लिए डॉ. राजेश एवं डॉ. प्रीति लखानी विद्यार्थियों
के प्रबंधन एवं मार्गदर्शन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि दोनों शिविरों में भाग लेने
से पूर्व विद्यार्थियों ने छात्र कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों
में भाग लेकर शारीरिक सुदृढ़ता, सहनशक्ति, अनुशासन एवं टीम भावना से संबंधित गतिविधियों
के माध्यम से स्वयं को तैयार किया। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण हटकोटी (शिमला) एवं
थापली (पंचकूला) में आयोजित ये साहसिक शिविर विद्यार्थियों को पदयात्रा, बाह्य गतिविधियों,
समूह-आधारित कार्यों एवं विभिन्न साहसिक खेलों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगे,
जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता एवं नेतृत्व क्षमता को
नई दिशा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर