जींद : ब्राह्मण समाज के लोगों ने किया शहर में प्रदर्शन
जींद, 26 फ़रवरी (हि.स.)। ब्राह्मण समाज के लोगों ने पूर्व प्रधान रामफूल व राजेश शर्मा के नेतृत्व में शहर में प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंप कर यूजीसी कानून 2026 को रद्द करवाने की मांग की।
प्रदर्शन से पहले गुरूवार को ब्राह्मण समाज के लोगों ने रानी तालाब के निकट बैठक की। रामफूल शर्मा व राजेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान में यूजीसी विनियम 2026 को निरस्त करने के कई कारण हैं। जिनमें इस विनियम के लागू होने से सामान्य वर्ग के शिक्षार्थियों पर इस बात का मानसिक दबाव बना रहेगा कि कहीं उस पर झूठा व गलत ईल्जाम लगा कर उनके कैरियर को धूमिल न कर दें। एक ही संस्था में साथ रह कर अध्यन करना, रहना, सहना व खाना पीना सदैव इस देश की परम्परा रही है। जिसका पूरा विश्व लोहा मानता है। लेकिन इस विनियम के लागू होने के बाद शिक्षार्थी जो हमेशा एक दूसरे के पूरक होते हैं, जातिय वर्ग के आधार पर बंट जाएंगे तथा एक दूसरे को अलग-थलग समझने लगेंगे। जिससे उनके उच्च शिक्षा ग्रहण करने का पथ बाधित होगा। उन्होंने कहा कि इस विनियम में साफ तौर पर झलकता है कि केवल सामान्य वर्ग के शिक्षार्थी ही हिंसक व अत्याचारी होते हैं जबकि धरातल पर ऐसा कुछ भी नहीं है। सभी शिक्षार्थी एक-दूसरे की सहायता व सहयोग के लिये समर्पित रहते हैं लेकिन विनियम के लागू होने से वो वैचारिक तौर पर एक दूसरे को विरोधी समझने लग जाएंगे। हमारे पावन ग्रंथ संविधान में सभी देशवासीयों को समानता का अधिकार दिया है। इस विनियम के लागू होने से समानता के हक का हनन होगा। क्योंकि एक ही संस्था में सामान्य वर्ग के शिक्षार्थियों के लिए इस विनियम के तहत अलग नियम बना कर समानता के हक को निरर्थक बनाया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा