नूंह में बड़कली चौक का नाम 'अहिंसा चौक' करने की मांग हुई तेज
नूंह, 21 जुलाई (हि.स.)। मेवात की 'राजनीतिक राजधानी' के रूप में ऐतिहासिक बड़कली चौक का नाम 'अहिंसा चौक' रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सर्व जातीय सेवा समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने क्षेत्र में शांति, उन्नति, समृद्धि , ख़ुशहाली,भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए सरकार को इस संबंध में कदम उठाने चाहिए । रजत जैन ने बड़कली चौक के मेवात के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक बदलावों का मूक गवाह है। कई नेताओं की भविष्य की राजनैतिक संपत्ति ,संघर्ष और विरासत देखी गई है। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और आंदोलन के लिए विभिन्न कार्यकर्ताओं ने कई शांतिपूर्ण संघर्षों और चर्चों का केंद्र बनाया है।
समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने कहा की 31 जुलाई 2023 को बड़कली चौक पर एक बेहद क्रूर, हिंसक और निंदनीय मानवीय घटना घटी थी, जिसने मेवात के पुराने और मजबूत सामाजिक ताने-बाने को हिलाकर रख दिया था। इस घटना का कारण न सिर्फ देश में है, बल्कि विदेशों में भी इस क्षेत्र की छवि धूमिल हुई। युद्ध और हिंसा से कभी भी स्थायी शांति स्थापित नहीं की जा सकती। बडकली चौक पर लगे उस दाग को भविष्य में धोने और ऐसे किसी भी हिंसक टिप्पणी को रोकने के लिए अहिंसा चौक नाम करना अत्यंत आवश्यक है।
सर्व जातीय सेवा समिति के अनुसार, नए नामकरण में केवल एक बदलाव नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश साबित होगा: -सच्ची शांति की शुरुआत: सत्य, प्रेम, दया, त्याग, त्याग और अहिंसा के मार्ग पर ही समाज में सच्ची शांति संभव है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया