झज्जर: भारत को भारत कहना ही सही नीति: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

 


-गंगा व यमुना जैसी पवित्र नदियों को स्वच्छ बनाने और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

झज्जर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश में हिंदुओं की सरकार कहला रही वर्तमान सरकार को गंगा व यमुना जैसी पवित्र नदियों को स्वच्छ बनाने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और राजनीति को धर्म से अलग रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने इंडिया और भारत के विचार पर कहा कि भारत को इंडिया कहा गया है, इंडिया को भारत नहीं, इसलिए भारत को भारत कहना ही सही नीति है। शंकराचार्य शुक्रवार को यहां ओमैक्स सिटी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।इससे पहले आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने लघु उद्योग भारती हरियाणा के उपाध्यक्ष बलबीर सिंह के परिवार व अन्य धर्मप्रेमियों को दीक्षा दी।

अयोध्या में दशकों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हो रहे राम मंदिर निर्माण पर शंकराचार्य ने प्रसन्नता जताई, लेकिन कहा कि राम जन्मभूमि के लिए लड़ने वालों को सम्मान अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबकी पूजनीय गंगा, यमुना व अन्य नदियों को दूषित करने वालों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। देश में गो हत्या बंद करके गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देकर उनका संरक्षण करना चाहिए।

धर्म को राजनीति में न घसीटें

जगदगुरु शंकराचार्य ने राम जन्मभूमि मंदिर मामले पर एक सवाल के जवाब में कहा कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती व उन्होंने स्वयं भी राम जन्मभूमि से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध करवाकर मंदिर निर्माण के लिए पैरवी की, लेकिन किसी भी पक्षकार को मंदिर निर्माण ट्रस्ट का सदस्य नहीं बनाया गया है इससे साफ पता चलता है कि अयोध्या में बनने वाले भगवान श्रीराम के मंदिर में भी सिर्फ राजनीति हो रही है।

जगदगुरु शंकराचार्य ने बताया कि वह अपनी इस धर्म संचार यात्रा के तहत हरियाणा के सभी 22 जिलों में जाएंगे और 23वां कार्यक्रम राजधानी चंडीगढ़ में होगा। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीहरि के कुल 24 अवतार हैं और हरियाणा के हर जिले में भगवान श्रीहरि के एक अवतार का मंदिर बनवाया जाएगा ताकि देशभर से हरियाणा में आने वाले श्रद्धालुओं को श्रीहरि के सभी 24 अवतारों के मंदिरों की परिक्रमा का धर्मलाभ मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार/शील/संजीव