जींद : वामपंथी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
जींद, 03 अक्टूबर (हि.स.)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को रद्द करने, मतदाता सूचियों से कथित रूप से गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं के अधिकार बहाल करने तथा चुनाव आयोग की स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग को लेकर वामपंथी पार्टियों ने शनिवार को अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता सीपीआईएम नेता प्रकाश चंद्र ने की। जबकि संचालन जिला सचिव कपूर सिंह ने किया। धरने को संबोधित करते हुए वामपंथी नेता रमेश चंद्र व विनोद ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की मनमानी या अपारदर्शी प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल रद्द करने तथा जिन योग्य नागरिकों के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके मताधिकार बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग किसी एक व्यक्ति की संस्था नहीं है बल्कि संविधान द्वारा स्थापित स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। इसलिए आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिताए सामूहिकता और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एसआईआर से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली और को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है।
उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का वोट ही उसकी सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकत है। इसलिए वोट और मतदाता सूची की निष्पक्षता की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक, जनवादी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को आगे आना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एसआईआर को रद्द किया जाए तथा गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए सभी योग्य नागरिकों के मताधिकार बहाल किए जाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा